
कांगो की रुबाया कोल्टन खदान में भयानक भूस्खलन, 200 से अधिक लोगों की मौत
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) के पूर्वी प्रांत में रुबाया कोल्टन खदान में बुधवार को हुए भीषण भूस्खलन में 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। यह जानकारी विद्रोही-नियुक्त गवर्नर के प्रवक्ता लुमुम्बा कंबेरे मुयिसा ने शुक्रवार को रॉयटर्स को दी। राज्यपाल के एक सलाहकार ने नाम न छापने की शर्त पर पुष्टि की कि मृतकों की संख्या कम से कम 227 है। हादसा बारिश के मौसम में हुआ, जब कमजोर जमीन धंस गई और खनिकों, बच्चों तथा बाजार में व्यापार करने वाली महिलाओं सहित सैकड़ों लोग गड्ढों में फंस गए। मुयिसा ने बताया, “इस भूस्खलन में 200 से अधिक लोग हताहत हुए। कुछ लोगों को समय रहते निकाला गया, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हैं। लगभग 20 घायलों का इलाज स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा है।” रुबाया क्षेत्र दुनिया के लगभग 15 कोल्टन का उत्पादन करता है, जिसे संसाधित कर टैंटलम बनाया जाता है।
रूस की जगह अब वेनेजुएला बनेगा भारत का ऑयल पार्टनर, ट्रंप ने दिया ये ऑफर
अमेरिका ने भारत से कहा है कि वह जल्द ही वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदना दोबारा शुरू कर सकता है। रॉयटर्स से बात करने वाले मामले से जुड़े तीन सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका इस सप्लाई को रूसी तेल के विकल्प के तौर पर पेश कर रहा है, क्योंकि भारत रूसी तेल का आयात तेजी से घटाने जा रहा है। यह पहल ऐसे समय पर हुई है, जब वॉशिंगटन की ओर से रूसी तेल आयात से जुड़े टैरिफ बढ़ाने के बाद भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद में बड़ी कटौती का वादा किया है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले महीनों में भारत रूसी तेल का आयात कई लाख बैरल प्रतिदिन तक घटाने की तैयारी में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च 2025 में वेनेजुएला का तेल खरीदने वाले देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। इसके साथ ही उनकी सरकार ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ अभियान तेज किया था, जिन्हें 3 जनवरी को अमेरिकी बलों ने पकड़ लिया था। इसके बाद अमेरिका के रुख में बदलाव के संकेत मिले। वॉशिंगटन ने नई दिल्ली से कहा कि वह रूसी सप्लाई में कमी की भरपाई के लिए वेनेजुएला से तेल खरीद फिर शुरू कर सकता है।
ओशिवारा फायरिंग केस: कमाल आर खान को मिली जमानत, कोर्ट में वकील ने रखी दलील
एक्टर और फिल्म क्रिटिक कमाल आर.खान, जिन्हें दुनिया केआरके के नाम से जानती है, उन्हें मुंबई की अंधेरी मजिस्ट्रेट कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। ओशिवारा इलाके में हुई फायरिंग की घटना के आरोप में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। केआरके को कोर्ट ने 25,000 रुपये के निजी मुचलके (पर्सनल बॉन्ड) पर जमानत दे दी है। इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब उनके वकील ने पुलिस की गिरफ्तारी प्रक्रिया पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए और इसे पूरी तरह गैर-कानूनी करार दिया। केआरके की ओर से अदालत में वकील सना रईस खान पेश हुईं। उन्होंने गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया को ही गैर-कानूनी और मनमाना करार दिया। उन्होंने दलील दी कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 35(3) के मुताबिक, गिरफ्तारी से पहले जो नोटिस दिया जाना अनिवार्य है, वह पुलिस ने कभी दिया ही नहीं। इसके अलावा, उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 22(1) और क्चहृस्स् की धारा 47 के उल्लंघन का मुद्दा भी उठाया, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को उसकी गिरफ्तारी के पुख्ता कारण लिखित या मौखिक रूप से बताना जरूरी होता है।
इंडिया-ईयू डील से टेंशन में पाकिस्तान, दांव पर 9 अरब डॉलर और 1 करोड़ जॉब्स
भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते की दुनिया भर में तारीफ हो रही है। अमेरिकी अर्थशास्त्री भी कह रहे हैं कि भारत का यह एक अच्छा कदम है, लेकिन सीमा पार पाकिस्तान को इस डील के होने से टेंशन बढ़ गई है। पाकिस्तान में मायूसी छाई हुई है। इसकी वजह, यह समझौता पाकिस्तान की जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेस प्लस योजना को प्रभावित कर सकता है, जिसके तहत पाकिस्तान को अपने दो-तिहाई निर्यात पर टैरिफ फ्री और कोटा फ्री पहुंच मिलती थी। इससे पाकिस्तान के निर्यात और रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पडऩे की आशंका है। जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस प्लस यूरोपीय संघ द्वारा कमजोर विकासशील देशों को दिया जाने वाला खास सपोर्ट है। इसके तहत यूरोपीय मार्केट में करीब 7,200 से अधिक उत्पादों (लगभग दो-तिहाई टैरिफ लाइनों) पर 0त्न कस्टम ड्यूटी का लाभ मिलता है। वहीं अब भारत के साथ डील के बाद खबर है कि यूरोपीय यूनियन जीएसपी+ को बंद कर सकता है।
