बिच्छू राउंडअप/भरोसा देता हूं! किसी के साथ नहीं होगा भेदभाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

भरोसा देता हूं! किसी के साथ नहीं होगा भेदभाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी किए गए नए एंटी डिस्क्रिमिनेशन नियमों को लेकर देश के शैक्षणिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। दिल्ली के विभिन्न कॉलेजों के छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन और रिवर्स डिस्क्रिमिनेशन (उल्टा भेदभाव) के आरोपों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सरकार का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि नए नियमों का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना है, न कि किसी का उत्पीडऩ। सोशल मीडिया और उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा-मैं बहुत विनम्रता से आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी का उत्पीड़न होने नहीं दिया जाएगा। भेदभाव के नाम पर किसी को भी कानून का मिसयूज करने का अधिकार नहीं रहेगा। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि चाहे यूजीसी हो, भारत सरकार हो या राज्य सरकारें, सभी का यह सामूहिक दायित्व है कि कानून का पालन निष्पक्षता से हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यवस्था की गई है, वह पूरी तरह से भारतीय संविधान की परिधि के भीतर है। विवाद के एक मुख्य बिंदु, यानी निर्दोष छात्रों के फंसने की आशंका पर बोलते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया न्यायपालिका के दायरे में है। उन्होंने कहा-यह विषय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में व्यवस्था है। मैं सभी को आश्वस्त महसूस कराना चाहता हूं कि किसी के ऊपर भी अत्याचार या भेदभाव नहीं किया जाएगा।
ट्रंप ने फिर राष्ट्रपति पद की दावेदारी के दिए संकेत, आयोवा रैली में बड़ा बयान
अमेरिका में इस साल मध्यावधि चुनाव 2026 होने जा रहे हैं। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (स्थानीय समय) को अपने उस पुराने दावे को दोहराया कि 2020 का राष्ट्रपति चुनाव धोखाधड़ी वाला था। मध्यावधि चुनावों को लेकर ट्रंप चुनावी प्रचार में जुट गए हैं। ऐसे में आयोवा रैली में ट्रंप ने फिर से धांधली वाले चुनाव का दावा दोहराया और समर्थकों में जोश भरने का काम किया। इतना ही नहीं उन्होंने दोबारा राष्ट्रपति पद की दावेदारी के संकेत भी दिए हैं। आयोवा के क्लाइव में मंच से भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव का जिक्र किया और कहा कि हमारे यहां धांधली वाला चुनाव हुआ था। इसी के साथ उन्होंने किफायती आवास के मुद्दे पर अपने रिकॉर्ड का बचाव किया और नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए आक्रामक रूप से प्रचार करने की योजना की रणनीति भी पेश की। अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक माहौल लगातार गर्माया हुआ है। इस बीच आयोवा रैली में ट्रंप ने महंगाई और जीवन-यापन की लागत जैसे मुद्दों पर अपनी सरकार की नीतियों का बचाव किया।
चांदी पहली बार 3.44 लाख रुपए किलो,
सोना 5 हजार महंगा
चांदी-सोने के दाम मंगलवार को अब तक के अपने सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए हैं। एक किलो चांदी की कीमत 26,859 रुपए बढक़र 3,44,564 रुपए पर पहुंच गई है। सुबह कारोबार खुलने पर इसका दाम 3,42,507 रुपए पर था। इससे पहले इसकी कीमत 3,17,705 रुपए किलो थी। इस साल अब तक सिर्फ 27 दिनों में ही ये 1.14 लाख महंगी हो चुकी है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव कारोबार बंद होने पर 4,591 रुपए बढक़र 1,58,901 रुपए पर पहुंच गया है। सुबह इसका दाम 1,59,027 रुपए पर था। इससे पहले सोने का भाव 23 जनवरी को 1,54,310 रुपए तोला था। इस साल जनवरी-2026 के 27 दिन में ही चांदी 1,14,144 रुपए महंगी हो गई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी की कीमत 2,30,420 रुपए थी, जो अब 3,44,564 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है। वहीं सोने की कीमत 25,706 रुपए बढ़ चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,33,195 रुपए का था, जो अब 1,58,901 रुपए हो गया है।
भारत चौथी बड़ी सैन्य शक्ति, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान 14वें नंबर परी
दुनिया में 52 सक्रिय सैन्य संघर्षों के बीच ग्लोबल फायरपावर ने साल 2026 की सैन्य शक्ति रैंकिंग जारी कर दी है। कुल 145 देशों की पारंपरिक युद्ध क्षमता का विश्लेषण करने वाले इस दस्तावेज में भारत ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। अमेरिका 0.0741 स्कोर के साथ दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बना हुआ है। इसके बाद 0.0791 के स्कोर के साथ रूस दूसरे और 0.0919 के साथ चीन तीसरे स्थान पर बरकरार है। इन तीनों देशों के पास सबसे ज्यादा रक्षा संसाधन हैं। भारत 0.1346 के स्कोर के साथ चौथे स्थान पर बरकरार है। अपनी विशाल सैन्य शक्ति, रक्षा क्षेत्र में बढ़ते स्वदेशीकरण और रसद क्षमताओं के कारण भारत की स्थिति मजबूत बनी हुई है। दक्षिण कोरिया ने अपनी सैन्य तकनीक और स्वदेशी उत्पादन के दम पर इस सूची में 5वां स्थान हासिल किया है। इस रैंकिंग में पाकिस्तान के नीचे जाने का सिलसिला जारी है। साल 2024 में पाकिस्तान 9वें स्थान पर था।

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