नितिन नबीन की टीम में दिखेगा मप्र का दम

नितिन नबीन
  • युवा प्रदेश अध्यक्ष की टीम के लिए युवा नेताओं का नाम चर्चा में

गौरव चौहान/भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के कार्यभार संभालने के साथ ही टीम के गठन को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। जानकारों का कहना है कि नितिन की टीम में अनुभव और युवा का संतुलन देखने को मिलेगा। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में शामिल होने के लिए मप्र के कई नेता सक्रिय हैं।  माना जा रहा है कि जिस तरह राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा हैं उसी तरह उनकी टीम में युवा चेहरे शामिल हो सकते हैं। युवा चेहरों को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। राजनीति में पहले से सक्रिय युवा चेहरों को नई जिम्मेदारों मिलने के साथ ही वरिष्ठ नेताओं की धडकऩें बढ़ गई हैं। सूत्रों का कहना है कि मप्र भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत प्रदेश के कुछ अन्य नेताओं को केंद्रीय संगठन में जगह मिल सकती है।
उल्लेखनीय है की जब भी भाजपा के केंद्रीय संगठन का गठन होता है मप्र के नेताओं का बराबर महत्व मिलता रहा है। ऐसे में भाजपा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम में मध्य प्रदेश का प्रभाव बढ़ सकता है। अब तक मध्य प्रदेश से संसदीय बोर्ड में अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ नेता सत्यनारायण जटिया सदस्य हैं। इसके अलावा ओमप्रकाश धुर्वे राष्ट्रीय सचिव और लाल सिंह आर्य अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष हैं। जेपी नड्डा की टीम में कैलाश विजयवर्गीय भी राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं, लेकिन दो वर्ष पूर्व वह राज्य में मंत्री बना दिए गए। पार्टी नेताओं का मानना है कि चूंकि पूर्व में राष्ट्रीय कमेटी में मध्य प्रदेश से दो-दो महासचिव एक साथ रहे हैं। एक समय थावर चंद्र गहलोत और नरेंद्र सिंह तोमर दोनों ही राष्ट्रीय महासचिव थे। ऐसे में माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम में मध्य प्रदेश का प्रभाव बढ़ सकता है।
आधा दर्जन नेताओं का नाम चर्चा में
गौरतलब है कि भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में हमेशा से मप्र के नेताओं को महत्व मिलता रहता है। ऐसे में इस बार भी मप्र के नेताओं का उम्मीद है कि उनको राष्ट्रीय संगठन में जगह मिलेगी। फिलहाल, आधा दर्जन नेताओं के नाम की चर्चा हो रही है, जिन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिलने की संभावना है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की ताजपोशी के साथ ही इस बात को लेकर संभावनाएं तेज हो गई हैं कि इस बार नितिन नबीन की टीम में युवा चेहरों को मौका मिलेगा, तो वहीं वरिष्ठ नेताओं की विदाई हो सकती है। वरिष्ठ नेताओं को अन्य जिम्मेदारी दी जा सकती है। जमीनी स्तर पर काम करने वाले युवा चेहरों की तलाश भी तेज हो गई है। जिसे आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी उतारने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम में मप्र के कई नेताओं को मिल सकता है। नबीन की टीम में एमपी के कई नेताओं के नामों पर चर्चा है। अरविंद भदौरिया, वीडी शर्मा, सुमेर सिंह सोलंकी, गजेंद्र पटेल, कविता पाटिदार, रजनीश अग्रवाल और भक्ति शर्मा को नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम में मौका मिल सकता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम को लेकर भाजपा नेताओं का कहना है कि युवाओं को ही जगह मिले ये बहुत ज्यादा संभावनाएं नहीं है। टीम में पहले से ही मध्यप्रदेश के चेहरे शामिल हैं। इसलिए एक या दो ही युवाओं को शामिल किया जा सकता है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि भाजपा अवसरवादियों की पार्टी है। भाजपा ने सबसे ज्यादा काम करने वाले नेताओं के साथ अन्याय किया है। सही व्यक्ति के लिए जगह कम है। भाजपा का कहना है कि सरकार हो या संगठन युवाओं को जिम्मेदारी मिले। ऊर्जा और वरिष्ठता का संयोजन देखने को मिलेगा।
मप्र में प्रदर्शन बरकरार रखने की चुनौती
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के सामने मप्र में लोकसभा चुनाव 2024 का प्रदर्शन बरकरार रखने की चुनौती है। मप्र एक ऐसा राज्य है, जहां की सभी गत लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी 29 सीटें जीती हैं। अब बड़ी चुनौती इन्हें बरकरार रखने की है। नई सदी में केवल वर्ष 2018 का विधानसभा चुनाव ही ऐसा था, जिसमें भाजपा बहुमत से थोड़ी दूर रह गई थी। अब आने वाले 2028 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सामने चुनौतियां और बढऩे वाली हैं। ऐसी स्थिति में भाजपा को संगठन को और अधिक मजबूत करना होगा। मप्र हमेशा से ही भाजपा के लिए एक प्रयोगशाला की तरह रहा है। हिंदू महासभा हो या जनसंघ, दोनों की जड़ें मध्य प्रदेश में मजबूत रही हैं। यही कारण है कि भाजपा यहां लंबे समय से सत्ता में काबिज है। संगठन की मजबूती की दूसरी वजह यहां के कुशल संगठनकर्ता भी माने जा सकते हैं। कुशाभाऊ ठाकरे, प्यारेलाल खंडेलवाल और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे दिग्गज मध्य प्रदेश की राजनीति से ही देशभर में लोकप्रिय हुए। भाजपा के लिए सुरक्षित सीटों में शुमार विदिशा लोकसभा सीट तो ऐसी रही है कि वहां से अटल बिहारी वाजपेयी और सुषमा स्वराज जैसे बड़े नेताओं को भाजपा ने चुनाव लड़वाया। इस कारण से भी राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में भाजपा कार्यकर्ताओं का दबदबा रहा है। पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम में मध्य प्रदेश से विजयवर्गीय सहित चार नेताओं को स्थान मिला था। इस बार भी चार से पांच नेताओं को नितिन नबीन की टीम में स्थान मिलने की संभावना है। इसमें एक या दो महिलाएं भी शामिल हो सकती हैं। इसके साथ ही युवा नेताओं को भी अवसर मिल सकता है।

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