
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। गोमांस तस्करी में पुलिस के हत्थे चढ़े असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा से पुलिस की पूछताछ जारी है। शनिवार अलसुबह एसआईटी आरोपी असलम और ड्रायवर शोएब खान को लेकर स्लाटर हाउस पहुंची। टीम ने स्लाटर हाउस यानी घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम के साथ नगर निगम और वेटनरी के अधिकारी भी मौजूद थे। करीब 50-60 लोगों का दल स्लाटर हाउस पहुंचा था, जिन्होंने स्लाटर हाउस में कहां क्या होता है, इसकी जानकारी असलम से ली। जैसे स्लाट कहां होता, मांस कहां से आता है। उसे कहां रखा जाता है। कहां जाता है। इस दौरान यहां किसकी ड्यूटी रहती थी आदि की अहम जानकारी जुटाई। 25 जनवरी को दोनों आरोपी असलम और शोएब की रिमांड अवधि खत्म हो रही है। पुलिस दोनों को कोर्ट में पेश करेगी। सूत्रों की माने तो गोमांस तस्करी के चमड़ा के अंतरराज्यीय गिरोह से तार जुड़े हैं। एसआईटी अब संदिग्ध लोगों को तलब करेगी। असलम से जुटाए साक्ष्य सबूत उनके सामने रखेगी। जानकारी के मुताबिक एसआईटी की जांच में अहम खुलासे हो रहे हैं। स्लाटर हाउस में आने-जाने वाले लोगों से लेकर यहां के कर्मचारियों और दखल रखने वाले लोगों को पुलिस ने सूची तैयार की है। कौन कर्मचारी कब से यहां काम कर रहा है और कहां से आया है, इसकी जानकारी के बाद शनिवार को एसआईटी, वेटनरी विभाग और नगर निगम के करीब 50-60 अधिकारी दोनों आरोपियों को लेकर अलसुबह जिंसी स्थित स्लाटर हाउस पहुंची। स्लाटर हाउस की निरीक्षण में टीम ने जाना कि कहां पर क्या होता था। यहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। लेकिन वह चालू है या नहीं इसकी जांच की जा रही है। किसकी निगरानी में क्या होता था, कौन कब आता, कब जाता आदि की जानकारी जुटाई गई। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस असलम द्वारा दिए गए बयान का मिलान कर रही है। यह वन विहार में भी काफी समय से जानवरों के लिए मांस की सप्लाई कर रहा था। यह कहां से आता था और कौन देने जाता था आदि की जानकारी पुलिस ने हासिल की है।
पुलिस ने आरोपी से बिजनेस पार्टनर और गुर्गों की मांगी जानकारी
असलम ने पुलिस को बताया कि माल की पैकिंग केवल स्लाटर हाउस में हुई थी, लेकिन वह आगरा की एक प्रतिष्ठित एग्रो फूड कंपनी का था। पुलिस ने असलम से उसके बिजनेस पार्टनर और करीबी गुर्गों की जानकारी हासिल की है। स्लाटरिंग से पहले जानवरों का चेकअप करने वाले डाक्टर बेनी प्रसाद गौर की भूमिका को लेकर भी जानकारियां जुटाई गई हैं। वहीं, शोएब का कहना है कि ट्रक में गोमांस है, उसे इस बात की जानकारी नहीं थी। एसआईटी प्रमुख एसीपी उमेश तिवारी का कहना है कि मामले की जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 17 दिसंबर 2025 की रात पुलिस मुख्यालय के सामने हिंदू संगठनों ने मांस से भरा एक ट्रक पकड़ा था। इसमें 26 टन मांस था। हिंदू संगठन के सदस्यों का आरोप था कि ट्रक में गोमांस है। आरोपों की जांच के लिए पुलिस ने कुछ पैकेट सैंपल के लिए जब्त किए थे, जिसे मथुरा लैब भेजा गया। रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि हुई। जहांगीराबाद पुलिस ने केस दर्ज कर ट्रक ड्रायवर को गिरफ्तार किया। इसके बाद लाइन स्टॉक कंपनी के संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा को गिरफ्तार किया।
