- नितिन को मजबूत करने की रणनीति में जुटेगा संघ

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ ही नितिन नबीन के सामने चुनावी चुनौतियों का पहाड़ है। ऐसे में नितिन को मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक जल्द ही मोर्चा संभालेगा। इसलिए भाजपा अब जल्द अपने संगठन मंत्रियों की भूमिका में बदलाव करने वाली है। इसका फैसला राष्ट्रीय स्वयं संवक संघ की मार्च में होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में किया जाएगा। इस बैठक में संघ भाजपा को नए पूर्णकालिक देगा। ये पूर्णकालिक अभी संघ के दूसरे प्रकल्पों का काम देख रहे हैं। करीब आठ प्रदेशों के प्रदेश संगठन मंत्रियों को बदले जाने की संभावना संघ से जुड़े सूत्र बता रहे हैं। इनमें से अधिकांश प्रदेशों में अपना पांच साल से अधिक का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।
गौरतलब है कि भाजपा में राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री से लेकर प्रदेश संगठन महामंत्री तक के पदाधिकारी संघ भाजपा को देता है। इसमें अधिकांश उसके पूर्णकालिक कार्यकर्ता होते है। अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद इनमें से अधिकांश वापस संघ या उसके अनुषांगिक संगठनों में फिर से सक्रिय हो जाते हैं। पहले भाजपा में संभागीय संगठन मंत्री, जिला संगठन मंत्री और संगठन सहायकों की भी नियुक्ति होती थी और ये सभी पदाधिकारी संघ की पृष्ठभूमि से ही आते थे पर समय के साथ संघ ने भाजपा में अपनी भूमिका बेहद सीमित कर दी है। पहले जिला संगठन मंत्री और संगठन सहायकों के पद समाप्त किए गए और करीब चार साल पहले संभागीय संगठन मंत्रियों के पद भी समाप्त कर दिए गए।
मार्च में होगी प्रतिनिधि सभा की बैठक
गौरतलब है कि नितिन नबीन के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा की संगठन चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यही वजह है कि अब संघ प्रदेश संगठन महामंत्रियों में बदलाव करेगा। संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक सालभर में दो चार होती है। इस बार यह बैठक मार्च के प्रथम सप्ताह में हरियाणा के पानीपत में होना संभावित है। इसे लेकर एजेन्डा तय किया जा रहा है। इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री, सह संगठन महामंत्री समेत प्रदेश संगठन मंत्रियों को लेकर विचार होना है। प्रतिनिधि सभा की बैठक में संभागीय संगठन मंत्रियों को फिर से तैनात करने पर भी विचार होना है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि संघ भी अपना कार्य अब संभाग आधारित करने की योजना बना रहा है। इस बैठक में संघ के कार्य को नए तरीके से करने पर भी बत होगी।
बड़े बदलाव की राह पर संघ
संघ की कार्यप्रणाली में जल्द बदलाव के संकेत सूत्र दे रहे हैं। संघ की नई व्यवस्था के तहत उसकी कार्य व्यावस्था संभागस्तर पर आधारित होगी और हर संभाग में एक प्रचारक नियुक्ति किया जाएगा। अब तक मध्यप्रदेश में तीन प्रांत महाकौशल, मालवा और मध्य में प्रचारक होते थे। अब इस व्यवस्था को संभाग स्तर पर लाने का प्रयास किया जाएगा। अब तक प्रदेश से जुड़ा रहा छत्तीसगढ़ भी अब अलग प्रांत होगा। जिला प्रचारक समेत अन्य व्यवस्थाओं को पूर्ववत रखा जाएगा। संघ की इस बैठक में हाल ही में पूरे देश में दस हजार तक की जनसख्या वाले इलाको में हुए हिंदू सम्मेलन समेत अन्य कार्यक्रमों की सफलता पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही अगले छह महीनों की कार्ययोजना भी सामने आएगी।
