बिच्छू राउंडअप/पैरों तले रौंदे जा रहे नियम, लगता है ताकतवर की ही चलेगी: मैक्रों

मैक्रों

पैरों तले रौंदे जा रहे नियम, लगता है ताकतवर की ही चलेगी: मैक्रों
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी देकर उस यूरोप को अपने खिलाफ एकजुट कर लिया है, जिसे अमेरिका का सहयोगी माना जाता है। यूरोपीय देशों के नेताओं ने खुलकर डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करना शुरू कर दिया है। एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने 8 यूरोपीय देशों पर 10 फीसदी का अतिरिक्त इंपोर्ट टैक्स लगाने की धमकी दी है तो वहीं फ्रांस ने भी जवाबी ऐक्शन की धमकी दी है।  फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का कहना है कि यदि अमेरिका ने ऐसा कोई कदम उठाया तो फिर हम भी ऐसी ही जवाबी कार्रवाई देंगे। इसके अलावा ट्रंप की आलोचना यूरोपीय नेता कर रहे हैं कि उन्होंने इंटरनेशनल कानूनों को प्रभावित किया है। मैक्रों ने कहा कि आज दुनिया में दबंग राजनीति की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज ऐसी स्थिति हो गई है कि विवाद सामान्य हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक नीति इस स्थिति में चली गई है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों को पैरों तले रौंदा जा रहा है। ऐसा लगता है कि उसी की चल रही है, जो सबसे मजबूत है। बिना सामूहिक सहयोग के ऐसी स्थिति हो जाएगी, जिसमें अप्रत्याशित प्रतिस्पर्धा होगी।’ उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि यूरोप को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि अंतहीन टैरिफ लादे जा रहे हैं, जिन्हें किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उद्धव को राज ठाकरे का झटका? अब शिवसेना शिंदे का करेंगे समर्थन
महाराष्ट्र की सियासत से एक चौंकाने वाली खबर आ रही है। खबर है कि उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना कथित तौर पर कल्याण डोंबिवली नगर निगम में राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नव निर्वाचित पार्षदों के साथ गठबंधन करने की योजना बना रही है। यह पहल तब हो रही है, जब महीने भर पहले ही राज ठाकरे और उनके चचेरे भाई और शिवसेना (यूबीटी) के चीफ उद्धव ठाकरे करीब बीस सालों बाद एक हुए हैं और दोनों ने मिलकर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव लड़ा है। बीएमसी चुनाव में भाजपा और शिंदे सेना के गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन दोनों सहयोगी मेयर पद के लिए आपस में भिड़े हुए हैं। उधर, कल्याण डोंबिवली चुनावों में, शिवसेना और बीजेपी ने क्रमश: 53 और 50 सीटें जीती हैं। यह 62 के बहुमत के आंकड़े से कहीं ज़्यादा है, लेकिन दोनों सहयोगियों ने मेयर पद पर दावा किया है। यहीं पर मनसे के पांच पार्षद बहुमत जुगाड़ के काम आ सकते हैं। इसी बहुमत के जुगाड़ के लिए शिंदे सेना मनसे के इन पांचों पार्षदों के साथ गठबंधन करना चाह रही है। अगर ऐसा होता है तो शिंदे सेना की संख्या 58 हो जाएगी, जो बहुमत से चार कम है।

अवैध खनन से ऐसा नुकसान जिसकी भरपाई असंभव: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि अवैध खनन से अपूरणीय क्षति हो सकती है, इसलिए वह अरावली में खनन और संबंधित मुद्दों की व्यापक एवं समग्र जांच के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों की एक समिति गठित करेगा। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और न्यायमित्र के. परमेश्वर को चार सप्ताह के भीतर खनन क्षेत्र के विशेषज्ञ पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों के नाम सुझाने का निर्देश दिया, ताकि विभिन्न पहलुओं की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जा सके। इसके साथ ही पीठ ने कहा कि समिति इस न्यायालय के निर्देशन और निगरानी में कार्य करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने उस आदेश को भी विस्तारित किया, जिसमें अरावली पहाडिय़ों और पर्वतमालाओं की एक समान परिभाषा को स्वीकार करने वाले 20 नवंबर के निर्देशों को स्थगित रखा गया था। कोर्ट ने कहा कि उस परिभाषा पर रोक जारी रहेगी।

अगर गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराया तो…हिमाचल सीएम को बम से उड़ाने की धमकी
शिमला में गणतंत्र दिवस से पहले बम धमाके वाले ई-मेल ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। गुमनाम नाम से आए इस मेल में दावा किया गया कि यदि गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं तो मानव बम से हमला किया जाएगा। प्रशासन ने इस संदेश को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सूचित किया। इसके बाद विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह ई-मेल उपायुक्त कार्यालय शिमला की आधिकारिक मेल आईडी पर प्राप्त हुआ है। पुलिस के अनुसार  यह संदेश पहले उपायुक्त कार्यालय को मिला और फिर वूमेन/एसएसपी कार्यालय शिमला के जरिए थाना सदर शिमला को भेजा गया। ई-मेल में एक अनजान व्यक्ति ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ऐसी जानकारी भेजी है। इसे पुलिस अफवाह और झूठा संदेश मान रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के संदेशों का उद्देश्य लोगों में डर और असुरक्षा की भावना पैदा करना होता है। पुलिस के मुताबिक गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के संदर्भ में इस तरह की धमकी को गंभीरता से लिया जाता है।

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