
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भोपाल में अवैध कॉलोनियों का जाल फैल रहा है। शहर के चारों ओर खेती की जमीन पर प्लॉटिंग जारी है। सस्ती जमीन खरीदकर महंगे दाम पर प्लॉट बेचे जा रहे हैं और मुनाफा कमाने के लिए सिर्फ मुरम की सडक़ बनाई जा रही है। इन कॉलोनियों में न स्थाई बिजली है, न ही कनेक्शन मिल रहा है। भविष्य में मकान टूटने का खतरा अलग से बना हुआ है। करीब 100 करोड़ रुपए से अधिक कीमत की कृषि भूमि पर ये कॉलोनियां बनाई गई हैं। प्रशासन ने इन कॉलोनियों को लेकर सख्ती की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे करीब 113 प्रकरण चिह्नित किए गए हैं। पहले चरण में इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। दूसरे चरण में अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, जिन कॉलोनियों में अधिकांश प्लॉट बिक चुके हैं, उनका प्रबंधन जिला पंचायत द्वारा अपने हाथ में लिए जाने का दावा किया जा रहा है। लेकिन बीते एक साल में ये दावे ही साबित हुए हैं। हकीकत यह है कि अब तक न तो किसी कॉलोनी का अधिग्रहण हो पाया है और न ही कहीं विकास कार्य शुरू हुआ है।
आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर सके कॉलोनाइजर
वहीं, जिन कॉलोनियों में निर्माण की शुरुआत ही हुई है, उन्हें उनके मूल स्वरूप में लाने की बात कही जा रही है। दरअसल, डायवर्सन, कॉलोनाइजर लाइसेंस और टीएंडसीपी की अनुमति को लेकर संबंधितों को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कॉलोनाइजर आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। अब तक 12 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जबकि शेष प्रकरणों पर कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दिए हैं कि जिन कॉलोनियों में निर्माण हो चुका है, वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वे प्रबंधन अपने हाथ में लें।
