
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्य प्रदेश में नेताओं और अधिकारियों की अमर्यादित भाषा लगातार विवाद का कारण बन रही है। सार्वजनिक मंचों और मीडिया के सामने दिए गए गैर-जिम्मेदार बयानों से सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की किरकिरी हो रही है। ताजा मामला कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का है, जिन्होंने महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। पार्टी ने उनसे पल्ला झाड़ लिया, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बचाव में हैं। इससे पहले मोहन सरकार के मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी कर राष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया, जिस पर हाई कोर्ट तक को हस्तक्षेप करना पड़ा। भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेता पहले. भी ऐसे बयान देते रहे हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह जैसे कई नेता बदजुबानी के कारण सुर्खियों में रहे हैं। अधिकारियों में भी प्रवृत्ति दिख रही है। आइएएस संतोष वर्मा और पूर्व कलेक्टर किशोर कन्याल के बयान इसका उदाहरण हैं।
लेकिन सरकार नहीं करती कार्रवाई
कई नेता कई नेता अपशब्द बोलते हैं। असभ्य टिप्पणी करते हैं। आपत्तिजनक बयान देते हैं। सत्ता पक्ष के और विपक्ष के भी। सस्ती लोकप्रियता के लिए ये बड़बोले नेता कुछ भी बोल देने के आदी हो चुके हैं। किसी पर भी लांछन लगा देते हैं। ओछी बातें करने में कुछ कर्मचारी संगठनों और जतीय नेता भी पीछे नहीं। एससी-एसटी-ओबीसी संगठनों के नेता धर्मगुरुओं को अपशब्द बोल देते हैं। उनका अपमान करते हैं। इनके कडुवे बोल सब सुनते हैं, सिर्फ सरकार नहीं सुनती। कार्रवाई नहीं करती। नतीजतन, बड़बोले नेता किसी की भी भावनाएं आहत करने और समाज का सौहार्द बिगाड़ने को तैयार रहते हैं। वोट बैंक की राजनीति के कारण इनके हौसले बुलंद हैं।
डर की राजनीति करती है भाजपा-आरएसएस: दिग्विजय सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हिंदू धर्म नहीं, हिंदुत्व की राजनीति कर रही है और लोगों को डराकर सत्ता साध रही है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि बीजेपी हिंदुओं को और ओवैसी मुसलमानों को डराकर राजनीति करते हैं, जबकि हकीकत में किसी भी धर्म को कोई खतरा नहीं है। दिग्विजय सिंह ने जारी एक वीडियो संदेश में कहा, हिंदुत्व कोई धर्म नहीं, केवल एक पहचान है। भाजपा लोगों को भ्रमित कर रही है। जगह-जगह हिंदू सम्मेलन कराए जा रहे हैं, जनता से चंदा लिया जा रहा है और उसी पैसे से भंडारे खिलाए जा रहे हैं- यह कौन सा धर्म है? पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा और आरएसएस का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। ये हिंदुओं को कहते हैं हिंदू खतरे में हैं, जबकि ओवैसी मुसलमानों से कहते हैं हिंदुओं से खतरा है। दोनों मिलकर समाज को बांटने का खेल खेल रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि न हिंदुओं को खतरा है, न मुसलमानों को।
