बिच्छू डॉट कॉम:टोटल रिकॉल/एमपी ट्रांसको ने सिंहस्थ का पहला नोटिफाइड कार्य समय से पहले किया पूरा

एमपी ट्रांसको

एमपी ट्रांसको ने सिंहस्थ का पहला नोटिफाइड कार्य समय से पहले किया पूरा
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए मप्र पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी, एमपी ट्रांसको द्वारा किए जा रहे नोटिफाइड कार्यों में से पहला कार्य तय समय से पहले पूर्ण कर लिया गया है। सिंहस्थ में विद्युत आपूर्ति को अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 220 केवी शंकरपुर सब स्टेशन, उज्जैन की क्षमता वृद्धि का कार्य पूरा किया गया है। इसके अंतर्गत 20 एमवीए क्षमता के पुराने पॉवर ट्रांसफार्मर के स्थान पर 50 एमवीए क्षमता का नया पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसे ऊर्जीकृत किया गया है। शंकरपुर सब स्टेशन की क्षमता वृद्धि से सिंहस्थ क्षेत्र के क्षिप्रा विहार, गढक़ालिका, महाश्वेता, सिद्धवट, मंगलनाथ, वल्लभ नगर, आईओसीएल, जेथल, घटिया, ज्योतिनगर, नरवर, विजयगंज मंडी, कायथा, ताजपुर एवं आरईएस क्षेत्रों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति का लाभ प्राप्त होगा।

लोकभवन 25-27 तक आमजन के लिए खुलेगा
राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देशानुसार गणतंत्र दिवस पर लोकभवन को तीन दिनों के लिए आम नागरिकों के लिए खोला जाएगा। नागरिकों के भ्रमण के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों और लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। आमजनों के लिए चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आमजन को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोडऩा और गणतंत्र दिवस के महत्व को और अधिक सशक्त बनाना है। नागरिक 25 से 27 जनवरी तक तय समय में लोकभवन का अवलोकन कर सकेंगे। लोकभवन 25 और 27 जनवरी को दोपहर 2 से शाम 8 बजे तक खुला रहेगा। वहीं, 26 जनवरी गणतंत्र दिवस को लोकभवन भ्रमण सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक ही किया जा सकेगा। आम नागरिक लोकभवन में प्रवेश एवं निकासी गेट क्रमांक 1 से कर सकेंगे।

कान्हा की शान बारहसिंगा अब सतपुड़ा में बिखेरेंगे अपनी चमक
जबलपुर। देश के सबसे चर्चित पार्क कान्हा टाइगर रिजर्व की पहचान, दुर्लभ बारहसिंगा के कुनबे को विस्तार देने की दिशा में शनिवार को एक बड़ी शिफ्टिंग सफलता पूर्वक की गई। कान्हा टाइगर रिजर्व से 12 बारहसिंगों को सुरक्षित तरीके से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (नर्मदापुरम) के लिए रवाना किया गया है। कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक रवीन्द्र मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में शनिवार की सुबह यह ऑपरेशन चलाया गया। सरेही परिक्षेत्र के सौफ मैदान में ‘बोमा पद्धति’ (एक विशेष प्रकार का घेरा) का उपयोग कर इन वन्यजीवों को पकड़ा गया। इस दल में 8 मादा बारहसिंगा, 4 शावकों को विशेष रूप से निर्मित वन्यजीव परिवहन वाहन के जरिए सतपुड़ा भेजा गया है।

अनुकंपा की सख्त दरकार फाइलों में 10 हजार मामले
सरकार के स्पष्ट निर्देश के बाद भी अनुकंपा नियुक्ति के हजारों प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण नहीं हो पाया है और प्रकरण फाइलों में कैद हैं। हर विभाग में हालात संतोषजनक नहीं है। लिपिक कर्मचारियों के लाभ के लिए लाया गया सीपीसीटी रूल संकट पैदा कर रहा है। स्कूल शिक्षा में तो दिवंगत के आश्रित के लिए जटिल नियम ने मुसीबत खड़ी की है। प्रदेश में लिपिक सहित अन्य संवर्गों के लिए अनुकंपा में अलग-अलग नियमों ने परेशानी पैदा की है। विभागों में यदि लिपिक कर्मचारी की मृत्यु होती है तो उसके लिए सीपीसीटी यानि कम्प्युटर प्रोफशिएंसी सिलेक्शन टेस्ट अनिवार्य किया गया है। यह दक्षता परीक्षा पास करने के लिए जो समयावधि निर्धारित की गई है, यदि उसमें वह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पा रहा है, तो उसे सीधे तौर पर सेवा से निकाला जा रहा है।

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