
नई दिल्ली। दिल्ली से पश्चिम बंगाल की राजनीति पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा सांसद संबित पात्रा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्म, तपस्या और बलिदान की धरती बंगाल आज ऐसे शासन के दौर से गुजर रहा है, जो उसे ‘बंग-भंग’ यानी बंगाल को तोड़ने की दिशा में ले जा रहा है। संबित पात्रा ने कहा कि ममता बनर्जी की राजनीति तुष्टीकरण की नींव पर खड़ी है और इसका मकसद बंगाल को देश की मुख्यधारा से अलग-थलग करना है। उन्होंने सवाल उठाया क्या बंगाल भारत का हिस्सा है या नहीं? यह सवाल आज हर देशवासी के मन में उठ रहा है। भाजपा सांसद ने बताया कि देश के कई राज्यों में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से चल रही है। यह प्रक्रिया पहले भी 2003 में हुई थी और संसद में इस पर चर्चा हो चुकी है। लेकिन पश्चिम बंगाल में इस संवैधानिक प्रक्रिया को रोकने के लिए न सिर्फ असंवैधानिक तरीके अपनाए जा रहे हैं, बल्कि हिंसा का भी सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से जुड़े अधिकारी तक सुरक्षित नहीं हैं। उन पर इतना दबाव डाला जा रहा है कि वे आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
संबित पात्रा ने जादवपुर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 110 के BLO अशोक दास का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि अशोक दास एक ईमानदार अधिकारी थे, जो संविधान के अनुसार अपना काम कर रहे थे। इसी वजह से उन्हें टीएमसी कार्यकर्ताओं से धमकियां मिलीं। आरोप है कि उनसे कहा गया कि अगर किसी भी घुसपैठिए का नाम सूची से हटाया गया तो उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर अशोक दास ने आत्महत्या कर ली। उनकी पत्नी ने इस मामले में टीएमसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बंगाल को तोड़ने और बांटने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में खून बह रहा है और यह सीधा-सीधा हत्या का मामला है।
संबित पात्रा ने बीडीओ कार्यालय पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमला टीएमसी विधायक मनीरुल इस्लाम की मौजूदगी में हुआ। यह राम और रहीम की कहानी नहीं है, बल्कि रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की कहानी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार अवैध घुसपैठियों को संरक्षण देना चाहती है और इसी कारण SIR जैसी प्रक्रियाओं का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल में खून बह रहा है, लोकतंत्र को कुचला जा रहा है और यह सब सत्ता के संरक्षण में हो रहा है। उन्होंने कहा यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि बंगाल के भविष्य का सवाल है।
