
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। देश के हाइवे पर यात्रा का तरीका बदलने जा रहा है. हाईवे जर्नी को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। 1 अप्रैल से देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। अब टोल टैक्स सिर्फ फास्टैग या यूपीआई के जरिए ही चुकाया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि समय, फ्यूल और पैसे की भी बचत होगी।
टोल प्लाजा से खत्म होगा कैश लेन
इस फैसले के बाद देशभर के टोल प्लाजा पर कैश लेन पूरी तरह बंद हो जाएंगे। इससे मैन्युअल वसूली के कारण लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि कैशलेस टोलिंग से सिस्टम ज्यादा फास्ट, ट्रांसपैरेंट और भरोसेमंद बनेगा। अब भी कई लोग फास्टैग होने के बावजूद कैश लेन का इस्तेमाल करते थे, जिससे खासकर त्योहारों और पीक आवर्स में जाम की स्थिति बनती थी। सरकार ने एमएलएफएफ सिस्टम के पायलट प्रोजेक्ट के लिए देशभर में 25 टोल प्लाजाओं को चिन्हित किया है। यहां इस नई तकनीक को लागू करने से पहले नियमों और यात्रियों के अनुभवों की जांच की जाएगी। इसके बाद इस सिस्टम को पूरे देश में लागू करने की योजना है। इससे जाम खत्म होगा, ट्रैवेल टाइम घटेगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी। सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे 1 अप्रैल से पहले अपना फास्टैग एक्टिव रखें और उसमें पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें, या यूपीआई भुगतान के लिए तैयार रहें। कैशलेस टोलिंग और बैरियर-फ्री हाईवे का यह कदम भारत की सडक़ यात्रा को पूरी तरह बदलने वाला है। आने वाले समय में टोल प्लाजाओं पर किसी तरह का कोई जाम नहीं लगेगा।
फ्यूल और टाइम बचत
टोल प्लाजा पर बार-बार रुकने से गाडिय़ों का फ्यूल ज्यादा खर्च होता है और ड्राइवरों को भी थकान होती है। वी. उमाशंकर के मुताबिक हर बार रुकने और फिर गाड़ी चलाने में समय और डीजल दोनों की बर्बादी होती है। लंबी दूरी की यात्रा में यह नुकसान और बढ़ जाता है। कैशलेस सिस्टम से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
बैरियर-फ्री टोलिंग तैयारी
कैशलेस टोल का यह फैसला भविष्य की एक बड़ी योजना की तैयारी भी माना जा रहा है। सरकार जल्द ही मल्टी लेन फ्री फ्लो यानी एमएलएफएफ टोलिंग सिस्टम लागू करने जा रही है। इस सिस्टम में टोल प्लाजा पर कोई बैरियर नहीं होगा और वाहन बिना रुके हाईवे पर फर्राटा भरते हुए निकल सकेंगे। टोल शुल्क अपने आप फास्टैग और व्हीकल आइडेंटिफिकेशन सिस्टम के जरिए कट जाएगा।
