
- अवैध खनन रोकने के सरकारी प्रयास फेल
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र में अवैध परिवहन रोकने के लिए सरकार ने एआई आधारित 40 ई-चेकगेट की स्थापना की है। दावा किया गया था कि इन ई-चेकगेटों पर वेरीफोकल कैमरा, आरएफआईडी लीडर, ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रीडर की सहायता से खनिज परिवहन में संलग्न वाहनों की जांच की जाएगी। अवैध परिवहन की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर भोपाल में कमांड एवं कंट्रोल सेंटर और जिला भोपाल एवं रायसेन में जिला कमॉण्ड सेंटर स्थापित किए गए हैं। लेकिन इनकी स्थापना के पांच माह बाद भी यह चालू नहीं हो पाए हैं। ई-चेकगेट शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं। इस कारण अवैध खनन रूक नहीं रहा है।
गौरतलब है कि प्रदेश में एनजीटी के तमाम आदेशों के बावजूद अवैध रेत उत्खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। नर्मदापुरम, सीधी, मुरैना आदि जिलों में हाल ही में अवैध खनन की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। एनजीटी के निर्देशानुसार अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर तकनीक की मदद से रोक लगाने के लिए प्रदेश में 40 स्थानों पर ई-चेक गेट लगा दिए गए हैं। लेकिन इनकी स्थापना के पांच माह बाद भी यह चालू नहीं हो पाए हैं। दरअसल यह नियमों के बदलाव में अटके हुए हैं। खनिज विभाग ऑनलाइन कार्रवाई करने के लिए नियमों में संशोधन होने के बाद ही इन्हें चालू करने की बात कह रहा है लेकिन महीनों बाद नियमों में भी बदलाव नहीं हो पाया है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली और अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने के प्रयासों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अगस्त 2025 में कटनी में हुई माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 के पहले ही प्रदेश के 40 स्थानों पर ई-चेक गेट लगा दिए गए थे। खनिज विभाग ने इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा माइन्स सर्विलांस सिस्टम और ई-चेक गेट का शुभारंभ कराने की तैयारी भी कर ली थी। लेकिन ऐन कार्यक्रम टाल दिया गया। इसके बाद अब पांच माह गुजर चुके हैं लेकिन खनिज विभाग द्वारा ई-चेक गेट शुरू ही नहीं किए जा सके।
ई-चेकगेट शुरू होते तो नहीं होते नुकसान
अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगेगी। रॉयल्टी चोरी और राजस्व नुकसान में कमी आएगी। मानवरहित व्यवस्था से भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होगी। चौबीसों घंटे तकनीकी निगरानी, रियल-टाइम अलर्ट मिलेगा। एनजीटी और पर्यावरणीय नियमों का बेहतर पालन कर अवैध परिवहन को रोकने में मदद मिलेगी। नवीन तकनीक एआई पर आधारित मानव-रहित ई- चेक गेट्स से रेत सहित अन्य खनिजों के अवैध परिवहन की निगरानी के लिये राज्य स्तर पर खनिज संचालनालय भोपाल में कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर बनकर तैयार है। इसके साथ संबंधित जिलों में भी जिला स्तरीय कमांड सेंटर बनाए गए हैं। लेकिन अभी तक ई-चेकमेट से निगरानी शुरू नहीं हो पाई है। दरअसल विभाग ने करोड़ों रुपए से ई-चेक गेट स्थापित करने में तो जल्दबाजी दिखाई लेकिन इसके लिए नियमों में संशोधन पर ध्यान नहीं दिया। इससे इनका उपयोग अटका हुआ है।
