
- मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए भाजपा ने झोंकी ताकत
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण का दूसरा चरण चल रहा है। नाम जोडऩे-हटाने के लिए दावा-आपत्तियां प्राप्त की जा रही हैं, जिनका निराकरण करके 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। ऐसे में भाजपा ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए ताकत झोंक दी है। गौरतलब है कि एसआईआर में करीब 43 लाख मतदाता मृत, अनुस्थित या स्थायी रूप से स्थानांतरित मिले हैं। इनके नाम सूची से हटाकर प्रारूप प्रकाशन किया गया। साथ ही लगभग साढ़े आठ लाख मतदाता ऐसे थे, जिन्होंने ठीक से गणना पत्रक नहीं भरा। इन्हें अनमैप्ड की श्रेणी में रखकर नोटिस दिए गए। साथ ही एक श्रेणी तार्किक त्रुटि बनाई गई है। इसमें ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिन्होंने गणना पत्रक में स्वयं या पिता का नाम, आयु सहित अन्य जानकारियां त्रुटिपूर्ण भरी हैं।
दरअसल, मप्र में 43 लाख वोटर सिरदर्द बन गए हैं। सदैव चुनावी मोड में रहने वाली भाजपा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के काम को भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा हुआ है। आने वाले चुनावों में भाजपा एसआईआर का पूरा लाभ लेने की तैयारी में है, इसलिए 22 जनवरी तक इसके दूसरे चरण में भाजपा ने पूरी ताकत लगा दी है। पार्टी ने इस दौरान बूथ स्तर तक नव मतदाताओं का नाम जुड़वाने के लिए संगठन को सक्रिय किया है। भाजपा ने अगले 10 दिन हर बूथ से नए मतदाता बनाने का लक्ष्य रखा है। संगठन इस अभियान को लेकर खासा सक्रिय है। संगठन के साथ सभी सांसद- विधायक भी एसआईआर के काम में मोर्चा संभालेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि यदि किसी मतदाता के नाम पर संशय हो तो वे आपत्तियां प्रस्तुत करें। उधर, केंद्रीय नेतृत्व ने एसआईआर के दूसरे चरण तक राजनीतिक नियुक्तियां नहीं करने का सुझाव भी दिया है। कहा गया है कि इस दौरान ऐसा कोई कार्य नहीं करना है कि एसआईआर का काम प्रभावित हो। प्रदेश में भी लंबे समय बाद निगम- मंडलों में नियुक्तियों की तैयारी लगभग कर ली गई है। ऐसा माना जा रहा था कि मकर संक्रांति के बाद इसे मूर्त रूप दे दिया जाएगा, लेकिन संभावना है कि इसे भी 22 जनवरी तक टाल दिया जाए।
भाजपा का नए वोटर पर फोकस
बता दें, प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए एसआईआर का दूसरा चरण चल रहा है। नाम जोडऩे-हटाने के लिए दावा-आपत्तियां प्राप्त किए जा रहे हैं, इनका निराकरण करके 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। प्रदेश में एसआईआर के तहत जारी ड्राफ्ट लिस्ट में 42 लाख 47 हजार वोटर कम होने के बाद भाजपा अब नए मतदाताओं का नाम जुड़वाने के अभियान में लगी है। लगभग इतने ही नए मतदाता जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है। सांसद- विधायकों के अलावा सभी मंत्रियों को भी नए मतदाता जुड़वाने की जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में मोर्चे पर जमे रहने को कहा गया है। वरिष्ठ मंत्री राकेश सिंह को इसमें प्रशासनिक समन्वय का काम दिया गया है। भाजपा का यह भी मानना है कि सूची में अपात्र लोगों को पात्र बनने की प्रक्रिया से भी अवगत कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
