अब 22 भाषाओं में देख सकेंगे सदन की कार्यवाही: ओम बिरला

नए साल में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की पहल से संसद की कार्यवाही का चरित्र बदल जाएगा। बिरला के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिये संसद की कार्यवाही के प्रसारण से लेकर सांसदों की सुविधा तक नए प्रयोगों ने बड़े परिवर्तन की नींव रख दी है। मसलन अगले साल संसद की कार्यवाही का प्रसारण सभी 27 अधिसूचित भाषाओं में होगा। इस साल मानसून सत्र में 22 भाषाओं में कार्यवाही का प्रसारण होगा। एआई के माध्यम से सांसदों को सत्र में तारांकित प्रश्न लगने की जिम्मेदारी तीन दिन पहले और उसका जवाब एक दिन पूर्व ही व्हाट्सएप के माध्यम से दे दी जाएगी। इससे सांसदों को पूरक सवाल की तैयारी करने का समय मिलेगा। लोकसभा की कार्यवाही इसी सत्र से एक घंटे के अंदर वेबसाइट पर मुहैया कराई जाएगी।

बिरला ने कहा कि संसद की कार्यवाही के रूप में योजना भारत की विविधता को प्रदर्शित करने की है। इस संबंध में एआई की मदद ली जा रही है। पहले की तुलना में सांसदों को कई अन्य भाषाओं में सवाल पूछने या विचार रखने का विकल्प मिला है। हमारी योजना सभी अधिसूचित भाषाओं में यह सुविधा उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा कि इस सत्र में दस भाषाओं में प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। आने वाले समय में इसकी संख्या बढ़ती जाएगी। बिरला ने बताया, राष्ट्रमंडल देशों के संसद के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों का 28वां सम्मेलन 14 से 16 जनवरी तक दिल्ली में होगा। पीएम नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। इसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश की भागीदारी नहीं होगी।

बिरला ने इस बारे में एक सवाल के जवाब में कहा, सम्मेलन में पाकिस्तान की भागीदारी नहीं रहेगी। जबकि बांग्लादेश में संसद भंग होने की वजह से उसकी सहभागिता नहीं पाएगी। टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद पर सदन में ई-सिगरेट के इस्तेमाल संबंधी सवाल के जवाब में बिरला ने कहा कि जांच अपने अंतिम चरण में है। सदन की मर्यादा का उल्लंघन किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार और हर हाल में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्पीकर ने बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे राष्ट्रमंडल देशों के स्पीकरों और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसका उद्घाटन संविधान भवन में पीएम मोदी करेंगे।

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