बिच्छू राउंडअप/पहली बार रविवार को पेश होगा आम बजट, यह ऐतिहासिक क्षण होगा

पहली बार रविवार को पेश होगा आम बजट, यह ऐतिहासिक क्षण होगा
संसदीय इतिहास में पहली बार रविवार के दिन केंद्रीय बजट पेश होगा। वित्त वर्ष 2025-26 का आम बजट इस बार रविवार को पेश किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी को संसद में बजट पेश करेंगी। आमतौर पर संसद की कार्यवाही सप्ताहांत पर नहीं होती है, ऐसे में रविवार के दिन बजट प्रस्तुत होना एक ऐतिहासिक क्षण होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए यह बजट व्यक्तिगत तौर पर भी एक बड़ी उपलब्धि होगा। यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। इसके साथ ही, वह देश के पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई की ओर से स्थापित सर्वाधिक बजट पेश करने के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी। पूर्व पीएम मोरारजी देसाई ने वित्त मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कुल 10 बजट पेश किए थे, और निर्मला सीतारमण अब उस ऐतिहासिक आंकड़े से महज एक कदम दूर हैं। बजट सत्र का पूरा शेड्यूल भी स्पष्ट कर दिया गया है। सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को होगी।
खुदरा महंगाई दर में उछाल: दिसंबर में बढक़र 1.33 प्रतिशत पर पहुंची
रसोई के जरूरी सामानों, खासकर सब्जियों और प्रोटीन युक्त वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते दिसंबर 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति बढक़र तीन महीने के उच्च स्तर 1.33 प्रतिशत पर पहुंच गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह नवंबर में 0.71 प्रतिशत थी, जो अब बढक़र 1.33 प्रतिशत हो गई है। इससे पहले सितंबर में महंगाई दर 1.44 प्रतिशत के स्तर पर थी। हालांकि हेडलाइन महंगाई में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन खाद्य महंगाई अब भी नकारात्मक क्षेत्र में बनी हुई है, जो उपभोक्ताओं के लिए मिश्रित राहत का संकेत है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति लगातार सातवें महीने नकारात्मक बनी रही। दिसंबर में यह (-) 2.71 प्रतिशत दर्ज की गई। हालांकि, नवंबर के (-) 3.91 प्रतिशत के मुकाबले इसमें थोड़ी वृद्धि हुई है, जो खाद्य कीमतों में आए आंशिक उभार को दर्शाता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने डेटा जारी करते हुए बताया कि दिसंबर 2025 में हेडलाइन और खाद्य मुद्रास्फीति में वृद्धि का मुख्य कारण पर्सनल केयर और इफेक्ट्स, सब्जियां, मांस और मछली, अंडे, मसाले तथा दालों और उनके उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी है।
20 सालों के वैधानिक सुधार की अनदेखी कर रहा आयोग: सीएम ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, ‘आयोग अपने ही 20 सालों के वैधानिक सुधारों की अनदेखी कर रहा है, जिससे मतदाताओं को अपनी पहचान दोबारा स्थापित करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।’ बता दें कि मुख्यमंत्री ने इससे पहले भी एक अन्य पत्र में निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समक्ष कई गंभीर मुद्दे उठाए थे। ममता ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को सोमवार को एक और पत्र लिखा है। यह उनका पांचवां पत्र है। इसमें उन्होंने वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) प्रक्रिया में हो रही गड़बडिय़ों पर चिंता जताई है। ममता बनर्जी का दावा है कि 2002 की वोटर लिस्ट को डिजिटल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया गया, जिससे गंभीर गलतियां हुई हैं। उनका कहना है कि इन तकनीकी खामियों की वजह से असली वोटरों को गलत तरीके से ‘विसंगति’ वाली श्रेणी में डाल दिया गया है। इससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वह अपनी ही पुरानी प्रक्रियाओं की अनदेखी कर रहा है।
आवारा कुत्तों ने चेहरा नोचा, बांह उखाड़ ले गए…टांग भी अलग की
संभल के गांव पौटा निवासी बंटी की नौ वर्षीय बेटी रिया गौतम को रविवार शाम कुत्तों के झुंड ने नोच-नोचकर मार डाला। घटना उस समय हुई जब वह खेत से घर लौट रही थी। कुत्तों ने बालिका को इस कदर नोचा कि बायां हाथ और पैर शरीर से अलग कर दिया।  बालिका की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिया के तहेरे भाई तरुण कुमार ने बताया कि शाम करीब पांच बजे रिया की मां ममता और दादी मुन्नी खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गईं थीं। उनके साथ रिया भी चली गई। जानकारी के मुताबिक मां और दादी पशुओं के लिए चारा काटने में लगी थीं। इस दौरान रिया घर आने के लिए अकेली ही चल पड़ी। रास्ते में श्मशान घाट के निकट आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। उसे खींचकर गेहूं के खेत में ले गए। गांव वाले और परिजन जब तक दौडक़र पहुंचे, कुत्तों ने रिया को बुरी तरह से जख्मी कर दिया था।

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