
- 45 दिन में 23 हजार पंचायतों में कमेटियां बनाएगी कांग्रेस
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस अभी से मिशन मोड में नजर आ रही है। वर्तमान में कांग्रेस का फोकस संगठन की मजबूती है उसके विस्तार पर है। इसके मद्देनजर नए साल के पहले ही दिन से कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में पंचायत कांग्रेस कमेटी के गठन की शुरुआत कर दी है। जिला, ब्लॉक के बाद अब वार्ड और पंचायत तक कांग्रेस का विस्तार किया जा रहा है। पार्टी ने 20 फरवरी तक प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में कमेटियों के गठन का लक्ष्य रखा है। इस तरह करीब डेढ़ महीने की सीमित अवधि में कांग्रेस जिला व ब्लॉक अध्यक्षों के लिए ग्राम पंचायत कमेटियों का गठन किसी चुनौती से कम नहीं है। प्रदेश में 23 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें हैं। ऐसे में कांग्रेस को मात्र 45 दिन में इस लक्ष्य को पूरा करना बड़ी चुनौती है।
गौरतलब है कि मप्र कांग्रेस कमेटी संगठन सृजन अभियान के तहत संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटी हुई है। पार्टी की कोशिश है कि पार्टी में सक्रिय कार्यकर्ताओं और नेताओं को महत्व दिया जाए। इसके लिए ग्राम पंचायतों में कमेटियों का गठन कर रही है। इसकी शुरुआत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मौजूदगी में नए साल के पहले दिन एक जनवरी को भोपाल जिले की ग्राम पंचायत केडिया देव से की गई। इसके बाद कई जिलों में ग्राम पंचायत कमेटियों का गठन किया जा चुका है। इस समय पार्टी कार्यकर्ताओं की कमी से जूझ रही है। कई विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां भाजपा विधायकों का इतना दबाव है कि कांग्रेस का झंडा उठाने के लिए लोग नहीं मिलते। ऐसे में कई ग्राम पंचायतों में कमेटियां बनाने के लिए लोग मिलना मुश्किल है। इन हालात में कांग्रेस पंचायत स्तर तक संगठन के विस्तार में कितनी सफल होगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।
6 लाख से अधिक को जोडऩे का लक्ष्य
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि हर ग्राम पंचायत कमेटी में कम से कम 25 सदस्य बनाए जाएंगे। कमेटी का गठन सर्वसम्मति से होगा। पंचायतों में युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल, किसान कांग्रेस, एनएसयूआई, आईटी एवं सोशल मीडिया, एससी-एसटी और मायनॉरिटी सेल के भी अध्यक्ष और सदस्य बनाए जाएंगे। इस तरह पार्टी कम से कम 6 लाख सक्रिय लोगों को ग्राम पंचायत कमेटी के माध्यम से जोडऩे जा रही है। इस बीच जिला अध्यक्षों को जिला कार्यकारिणी की घोषणा भी करना है। जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हुए 4 महीने ज्यादा हो गए, लेकिन अभी वे अपनी टीम तैयार नहीं कर पाए हैं। कांग्रेस ने अगस्त में एक साथ 71 जिला अध्यक्षों की घोषणा की थी। प्रदेश भर में मंडलम और सेक्टर का गठन भी किया जाना है। जिला शहर कांगेस अध्यक्षों को ग्राम पंचायत कमेटियों की तर्ज पर वार्ड कमेटियों का गठन करना है। हालांकि ग्राम पंचायत कमेटी के मुकाबले वार्ड स्तर पर कमेटियों के गठन में कठिनाई नहीं आएगी। मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक का कहना है कि कांग्रेस कमेटी का पूरा फोकस संगठन को मजबूत करने पर है। इसके लिए संगठन सृजन अभियान चलाया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि नए साल में जल्द से जल्द मंडलम, सेक्टर और ग्राम पंचायत कमेटियों के गठन की कार्रवाई पूरी कर ली जाए, ताकि पूरी ताकत से मिशन-2028 की तैयारियों में जुटा जा सके।
भाजपा की जिलों की कार्यकारिणी भी अधर में
उधर, मप्र भाजपा में जिला अध्यक्षों के चयन के 6 महीने बाद पिछले साल अगस्त में जिलों की कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। जिला कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया को शुरू हुए चार महीने बीत चुके है। अब तक भाजपा प्रदेश के सभी जिलों की कार्यकारिणी का गठन नहीं कर पाई है। प्रदेशभर में भाजपा की 62 जिला कार्यकारिणी हैं। इनमें से अब तक 50 जिला कार्यकारिणी का गठन हो पाया है। भाजपा द्वारा एक-एक जिलों की कार्यकारिणी जारी की जा रही है। इससे जिला कार्यकारिणी के गठन में देरी हो रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पदभार संभालने के बाद जिला कार्यकारिणी और प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू की थी। पहली बार जिला कार्यकारिणी के गठन के लिए हर जिलों में ऑब्जर्वर भेजे गए थे। ऑब्जर्वर की रिपोर्ट के आधार पर जिला कार्यकारिणी का गठन किया जाना था। ऑब्जर्वर ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को पिछले साल अगस्त में ही सौंप दी थी।
