कॉर्पोरेट की तरह टीम बनाकर हो रही साइबर ठगी

  • बेस्ट परफॉर्मर को दी जाती हैं कई तरह की सुविधाएं

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
देश में साइबर ठगी एक बड़ा गोरखधंधा बन चुकी है। लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके ईजाद किए जा रहे हैं। दरअसल, ठगी का नेटवर्क  कॉर्पोरेट पैटर्न पर चलाया जा रहा है।  यानी ठगी के लिए बाकायदा लाखों का पैकेज देकर युवाओं की भर्ती की जाती है। उन्हें इंसेंटिव दिया जाता है और अगर किसी ने ठगी का रिकॉर्ड बना दिया तो उसे विदेश घूमने का टूर भी करवाया जाता, है। ऐसे ठगी के सेंटर प्रदेश के सैकड़ों जगहों पर संचालित हो रहे हैं। हालांकि साइबर पुलिस भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों को सबसे संवेदनशील मान रही है।
गौरतलब है कि देशभर में साइबर ठगी का नेटवर्क सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा है। हाल ही में इंदौर में लूट का कॉल सेंटर पकड़े जाने के बाद राज्य साइबर सेल ने प्रदेशभर में अलर्ट जारी किया है। ऐसे कॉल सेंटर को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साइबर ठगी के फर्जी कॉल सेंटर पूरे प्रोफेशनल तरीके से काम करते हैं। कर्मचारियों को 15 हजार से लेकर 50 हजार तक की सैलरी दी जाती है। साथ ही कॉल सक्सेस होने पर इंसेंटिव भी दिया जाता है। बता दें 6 जनवरी को इंदौर में कॉल सेंटर में काम करते हुए 20 युवक-युवतियां पकड़े गए। जिन्होंने पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया है।
कंपनियों की आड़ में ठगी
साइबर पुलिस ने जामताड़ा की तर्ज पर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर डायमंड रिसर्च कंपनी बनाकर एल्गो ऐप के माध्यम से निवेश करने पर ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले मंदसौर के फर्जी कॉल सेंटर का नवंबर माह में खुलासा किया था। जहां 20 से 25 कर्मचारी कंपनी के लिए ठगी का काम करते थे। ये प्रतिदिन 5 से 7 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर लोगों को ठगते थे। दिसंबर माह में भोपाल में साइबर क्राइम की टीम ने कुंवारे युवाओं को ठगने वाली एक गैंग के सदस्य को गिरफ्तार किया। यह गैंग बिलासपुर से संचालित हो रही थी। फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स और कॉल सेंटरों के माध्यम से ठगी की जा रही थी। ठगीके लिए 12वीं पास हरीश भारद्वाज ने 6 मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स और 6 कॉल सेंटर तैयार कर रखे थे। पुलिस से बचने फर्जी कॉल सेंटर गैंग अपनी लोकेशन पर बदलती रहती है। मंदसौर में फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा था। पहले यह गैंग भवानीमंडी, फिर गरोठ में कई माह, इसके बाद शामगढ़ में सक्रिय रही। राज्य साइबर सेल एसपी प्रणय नागवंशी का कहना है कि इंदौर में फर्जी कॉल सेंटर से पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। राज्यभर में अलर्ट जारी किया गया है। कई टीमें तैयार कर ऐसे कॉल सेंटरों के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाएगा।

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