
आईपीएस मीट: इस बार स्मार्ट पुलिसिंग पर रहेगा फोकस
राजधानी में हर बार की तरह इस बार भी आईपीएस मीट का आयोजन होने जा रहा है। आयोजन की तिथि आगामी 16 और 17 जनवरी निर्धारित की गई है। पुलिस महकमा पूरे जोर शोर के साथ आईपीएस मीट की तैयारियों में जुट गया है। आईपीएस मीट में इस बार भी सडक़ सुरक्षा, साइबर क्राइम, स्मार्ट पुलिसिंग और क्राइम कंट्रोल सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर पुलिस अफसरों की चर्चा होगी। इसके अलावा दो दिन होने वाले इस आयोजन में पुलिस अफसर अपने परिवार के साथ खेल और सांस्कृतिक आयोजन में सहभागी बनेंगे। आईपीएस मीट में विशिष्ट विषयों पर चर्चा के लिए रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों को शामिल किया जा रहा है। साथ ही प्रतिनियुक्ति पर एमपी पुलिस के जो अफसर है वह भी इस मीट में शामिल होंगे। सीएम डॉ मोहन यादव आईपीएस मीट का शुभारंभ करेंगे। जिलों के फील्ड में तैनात सभी आईपीएस इस मीट में शामिल रहेंगे इस लिए दो दिन तक अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के पास रहेगी।
दो दिवसीय स्टार्टअप समिट आज से, दिखेगा विकसित भारत का संदेश
मध्य प्रदेश स्टार्टअप समिट 2026 का आयोजन 11 एवं 12 जनवरी 2026 को रवींद्र भवन में होगा। यह दो दिवसीय स्टार्टअप समिट शिखर सम्मेलन देशभर के स्टार्टअप्स, निवेशकों, इनक्यूबेटर्स, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, एफपीओ, एमएसएमई एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े साझेदारों को एक साझा मंच पर लाएगा। समिट के माध्यम से राज्य के तेजी से विकसित होते स्टार्टअप इकोसिस्टम, नीति-आधारित सुधारों, निवेश अवसरों एवं प्रेरक सफलता कहानियों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही नेटवर्किंग, सीखने एवं सहयोग के लिए उच्च प्रभाव वाला मंच प्रदान किया जाएगा। समिट के पहले दिन का फोकस ज्ञान-साझाकरण एवं स्टार्टअप सहभागिता के माध्यम से स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने पर रहेगा।
नर्सिंग फैकल्टी की भर्ती पर जबलपुर हाईकोर्ट की सख्ती
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल भोपाल द्वारा जारी नर्सिंग फैकल्टी भर्ती अधिसूचना को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि यह अधिसूचना वर्ष 2024 की राजपत्र (गजट) अधिसूचना के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए जारी की गई है, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी नर्सिंग ऑफिसरों के साथ अन्याय हुआ है। मामले की सुनवाई एकलपीठ न्यायमूर्ति विशाल धगत के समक्ष हुई। कोर्ट ने प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग सहित सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि विवादित भर्ती प्रक्रिया याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। इससे चयन मंडल द्वारा की जा रही नर्सिंग फैकल्टी भर्ती प्रक्रिया पर न्यायिक निगरानी स्थापित हो गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सीबीआई जांच के बाद विभाग में गंभीर फैकल्टी संकट उत्पन्न हो गया था।
किसान निधि व एक हेक्टेयर से ज्यादा भूमि तो नहीं बनेगा बीपीएल
बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अब और सख्त कर दी गई है। केंद्र सरकार ने फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगाने के लिए नई तकनीकी व्यबस्था लागू की है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहा है, तो बीपीएल कार्ड के लिए आवेदन करते समय ही सिस्टम चेतावनी देगा कि उसके पास एक हेक्टेयर से अधिक जमीन है। ऐसी स्थिति में आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएगा और संबंधित व्यक्ति को बीपीएल कार्ड नहीं मिल सकेगा। जांच में सामने आया है कि बड़ी संख्या में अपात्र बीपीएल का लाभ ले रहे थे। मप्र में पीडीएस के तहत 1.28 करोड़ परिवारों को राशन दिया जा रहा है। केवाईसी के बाद 20 लाख नाम सूची से हटाए गए, लेकिन अब भी 5.23 करोड़ लोग पीडीएस के दायरे में हैं।
