
मुंबई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा की विचारधारा जाति और धर्म से ऊपर उठकर सभी के लिए काम करने की सीख देती है और पार्टी मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। नागपुर में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा का लक्ष्य समाज के हर वर्ग का विकास करना है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता। गडकरी ने कहा कि कुछ विपक्षी नेता जानबूझकर यह भ्रम फैलाते हैं कि भाजपा मुसलमानों के खिलाफ है या सत्ता में आने पर हिंसा होगी। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत बताया और कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को बिना किसी पक्षपात के सभी के लिए काम करना सिखाती है। उनके अनुसार, पार्टी की राजनीति नफरत नहीं, विकास और एकता पर आधारित है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा मुसलमानों के खिलाफ नहीं, बल्कि आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जो मुसलमान इस देश के लिए बलिदान देते हैं, वे उतने ही प्रिय हैं जितने हिंदू। उन्होंने यह भी कहा कि कोई मस्जिद जाए, गुरुद्वारा जाए या बुद्ध विहार, लेकिन सबका खून एक है और हम सभी भारतीय हैं। गडकरी ने कहा कि अगर 15 जनवरी को होने वाले नागपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिलता है, तो जनता की सभी उम्मीदें और सपने पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए ठोस योजनाएं तैयार हैं और उनका सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन के उम्मीदवारों की कार्यक्षमता की गारंटी वह खुद लेते हैं।
गडकरी ने अपने और महाराष्ट्र सरकार द्वारा कराए गए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क, परिवहन और शहरी विकास के क्षेत्र में बड़े काम किए गए हैं। गडकरी ने इस दावे को भी खारिज किया कि भाजपा संविधान बदलना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संविधान में 80 बार संशोधन किए, जबकि भाजपा संविधान का सम्मान करती है। उन्होंने दोहराया कि वह एक सच्चे भाजपा कार्यकर्ता हैं, लेकिन सांसद होने के नाते उन लोगों के भी प्रतिनिधि हैं जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया और वह सभी के लिए काम करते हैं।
