बिच्छू राउंडअप/दंतेवाड़ा में एक करोड़ के इनामी 63 नक्सलियों ने किया सरेंडर

नक्सलियों ने किया सरेंडर

दंतेवाड़ा में एक करोड़ के इनामी 63 नक्सलियों ने किया सरेंडर
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लोन वर्राटू अभियान के तहत शुक्रवार को 63 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 18 महिला नक्सली भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव मोहन कड़ती भी शामिल है, जिसने अपनी पत्नी के साथ आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर एक करोड़ रुपए से अधिक का इनाम घोषित था, जो उनकी नक्सली गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। इस बड़े पैमाने पर हुए आत्मसमर्पण से नक्सलियों के संगठन को बड़ा झटका लगा है। यह आत्मसमर्पण केवल छत्तीसगढ़ प्रदेश के नक्सलियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश के बाहर के भी नक्सली शामिल हैं। यह इस बात का संकेत देता है कि राज्य की पुलिस और सुरक्षा बल नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं और नक्सलियों के प्रभाव को कम करने में सफल हो रहे हैं।  

ऐतिहासिक अवसर: मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के करीब निर्मला सीतारमण
केंद्र सरकार का बहुप्रतीक्षित केंद्रीय बजट 1 फरवरी रविवार को संसद में पेश किया जाएगा। बजट से पहले संसद का सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा, जबकि 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण लोकसभा में पेश किया जाएगा। आर्थिक सर्वेक्षण में देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, विकास दर और आने वाली चुनौतियों का खाका सामने रखा जाएगा। यह बजट मोदी 3.0 सरकार का दूसरा पूर्ण बजट होगा। इससे पहले वर्ष 2025 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश किया गया था। सरकार के लिए यह बजट इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के साथ-साथ आम लोगों को राहत देने की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। यह बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए व्यक्तिगत रूप से भी ऐतिहासिक होने वाला है। वह लगातार 9वीं बार बजट (पूर्ण और अंतरिम मिलाकर) पेश करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री बनेंगी। वह अब पूर्व पीएम मोरारजी देसाई के 10 बजटों के उस ऐतिहासिक रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच जाएंगी, जो उन्होंने 1959 से 1969 के बीच अलग-अलग कार्यकाल में बनाए थे।

देश को मिला पहला राष्ट्रीय आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम, अमित शाह ने किया उद्घाटन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को आईआईटी दिल्ली की मदद से बने भारत के पहले राष्ट्रीय आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम का उद्घाटन किया। यह कदम देश की काउंटर-आईईडी और आतंरिक सुरक्षा संरचना को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसे एनएसजी, एनआईए समेत 26 देशों के साथ मिलकर उपयोग किया जाएगा। ये डिवाइस आतंकियों की हर चाल नाकाम करेगा। एनआईडीएमएस को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड द्वारा विकसित किया गया है। यह एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो आईईडी से संबंधित डेटा के संग्रह, समेकन और वितरण को व्यवस्थित करने में मदद करेगा। उद्घाटन के दौरान शाह ने कहा-इंटर-एजेंसी समन्वय भी अब और बेहतर होगा। यह सही समय और सही जगह पर सही जानकारी पहुंचाने का एक बहुत प्रभावी तरीका होगा। एनएसजी की स्थापना 1984 में हुई थी और तब से इसने दुनिया भर में हुए आतंकवादी हमलों का विश्लेषण किया है और किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार किया है। आतंकवाद रोधी गतिविधियां, हाइजैकिंग विरोधी ऑपरेशन, बम निष्कासन की उन्नत प्रणाली और अब सभी एजेंसियों के साथ डेटा साझा करने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करना ये सभी एनएसजी के महत्वपूर्ण कार्य हैं।

अब ऑटोमोबाइल कंपनियां ही बनाएंगी स्लीपर बस, आपात सिस्टम होगा अनिवार्य
पिछले कुछ महीनों से देश में स्लीपर बसों में आग लगने के हादसे देखने के लिए मिल रहे हैं। बीते छह महीनों में छह बड़े हादसों में करीब 145 लोगों की मौत हो चुकी है। इन मौतों से यह साफ हो चुका है कि बसों की सुरक्षा में कई कमियां हैं। इन हादसों को देखते हुए केंद्र सरकार ने स्लीपर कोच बसों को लेकर सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि अब स्लीपर बसों का निर्माण केवल ऑटोमोबाइल कंपनियां या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान ही कर सकेंगे। मंत्री ने कहा- जब तक बसों का डिजाइन, निर्माण और सेफ्टी सिस्टम एक तय मानक के अनुसार नहीं होगा, तब तक ऐसे हादसों को रोका नहीं जा सकता। यह फासला केवल नई बनने वाली बसों तक सीमित नहीं है। गडकरी ने साफ किया कि पहले से सडक़ों पर दौड़ रही स्लीपर कोच बसों को भी नए सुरक्षा मानकों के अनुसार अपडेट करना होगा।

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