
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति (मौजूदा समय में कार्यवाहक राष्ट्रपति) डेल्सी रोड्रिगेज को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर डेल्सी रोड्रिगेज अमेरिका की बात नहीं मानतीं और वेनेजुएला के लिए वही नहीं करतीं, जो अमेरिका सही समझता है, तो उन्हें बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। ट्रंप के मुताबिक यह कीमत वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से भी ज्यादा बड़ी हो सकती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक फोन इंटरव्यू में एक अमेरिकी मैगजीन से यह बात कही। इससे एक दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने डेल्सी रोड्रिगेज से बातचीत की है और वह वेनेजुएला में लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए अमेरिका की बात मानने को तैयार हैं। हालांकि, डेल्सी रोड्रिगेज ने मादुरो को सत्ता से हटाए जाने की आलोचना की है और अमेरिका से मांग की है कि मादुरो को वापस देश लाया जाए।
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक अन्य इंटरव्यू में एक अमेरिकी अखबार से कहा कि अगर डेल्सी रोड्रिगेज ‘अमेरिका की बात मान लेती हैं’, तो वेनेजुएला में अमेरिकी सेना भेजने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका वेनेजुएला पर दबाव बनाए हुए है और वहां के नेतृत्व से अपनी शर्तों के मुताबिक कदम उठाने की उम्मीद कर रहा है। डेल्सी रोड्रिग्ज का जन्म 18 मई 1969 को वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हुआ था। वह वामपंथी नेता और पूर्व गुरिल्ला जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिगेज की बेटी हैं, जिन्होंने 1970 के दशक में क्रांतिकारी संगठन लीगा सोशलिस्टा की नींव रखी थी। डेल्सी रोड्रिग्ज को निकोलस मादुरो की सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है। वह अपने भाई जॉर्ज रोड्रिगेज, जो वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के प्रमुख हैं के साथ मिलकर लंबे समय से सरकार की अहम नीतियों पर काम करती रही हैं।
रोड्रिग्ज ने अपने राजनीतिक करियर में सरकार के कई अहम पदों पर काम किया है। वर्ष 2013 से 2014 तक वह संचार और सूचना मंत्री रहीं, इसके बाद 2014 से 2017 तक उन्होंने विदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। साल 2017 में उन्हें सरकार समर्थक संविधान सभा का प्रमुख बनाया गया, जिसने मादुरो सरकार की नीतियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जून 2018 में डेल्सी रोड्रिग्ज को वेनेजुएला का उपराष्ट्रपति नियुक्त किया गया। वहीं अगस्त 2024 में उन्हें तेल मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां उन्होंने अमेरिका के बढ़ते प्रतिबंधों के बीच देश के सबसे अहम उद्योग को संभालने और उसे स्थिर रखने की कोशिश की।
