वोट चोरी का हल्ला मचाने तक सीमित कांग्रेस

  • जमीनी स्तर पर काम करने में किसी ने कोई कोई रुचि नहीं दिखाई

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी पर हल्ला करने वाली कांग्रेस ने एसआईआर के दौरान बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने में तो पिछड़ी ही, अब दावा-आपत्ति करने में भी रुचि नहीं दिखा रही है। दरअसल, पार्टी में जमीनी स्तर पर काम करने के लिए कोई रूचि नहीं दिखा रहा है। जबकि प्रदेश में कांग्रेस ने दावा किया था कि सभी 65,014 मतदान केंद्रों पर बीएलए, जिला, विधानसभा क्षेत्र और ब्लाकवार प्रभारी नियुक्त किए हैं। वहीं बूथ लेवल आफिसर पर गणना पत्रक नहीं मिलने के आरोप लगाए। दावा किया कि एक-एक मतदान केंद्र पर मतदाता सूची का सत्यापन होगा लेकिन जब यह करने का समय आया तो गंभीरता कहीं नजर नहीं आई।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने मप्र सहित देशभर में मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर खूब हल्ला मचाया। राहुल गांधी ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाया था। पूरे देश में अभियान चलाया गया। मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने प्रत्येक जिले में रैली की। अभियान के समर्थन में 35 लाख हस्ताक्षर कराकर राष्ट्रीय संगठन को सौंपे गए। मतदाता सूची के प्रारूप में जब 42.74 लाख नाम हटाए गए तो खूब हाय-तौबा मचाई। दावा किया गया कि यही वोट चोरी है, जिसके कारण भाजपा की सरकार बनी मगर जब सूची को सही करवाने के लिए दावा-आपत्ति करने का समय आया तो बयानबाजी के अलावा जमीनी स्तर पर काम करने में किसी ने कोई कोई रुचि नहीं दिखाई। स्थिति यह है कि 23 दिसंबर से अब तक कांग्रेस के केवल 127 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) ने दावा-आपत्ति की प्रक्रिया में भागीदारी की। इन्होंने 237 नाम जोड़ने और 38 के हटाने के लिए दावा-आपत्ति की। जबकि, भाजपा मतदाता सूची को लेकर सतर्क है। 283. बीएलए अब तक 811 नाम जोडऩे और 22 के हटाने के लिए आवेदन कर चुके हैं।
दावे केवल हवा-हवाई
प्रदेश में कांग्रेस ने सभी 65,014 मतदान केंद्रों पर बीएलए, जिला, विधानसभा क्षेत्र और ब्लाकवार प्रभारी नियुक्त किए। बूथ लेवल आफिसर पर गणना पत्रक नहीं मिलने के आरोप लगाए। दावा किया कि एक-एक मतदान केंद्र पर मतदाता सूची का सत्यापन होगा लेकिन जब यह करने का समय आया तो गंभीरता कहीं नजर नहीं आई। अभी तक कोई भी वरिष्ठ नेता किसी भी बूथ पर नहीं पहुंचा। अभी तक राजनीतिक दलों की ओर से नाम जोडऩे और हटाने के लिए कुल 1,067 आवेदन हुए हैं। यह भी 428 बीएलए ने किए हैं। इनमें भी भाजपा के बीएलए की संख्या 283 है यानी इस मामले में भी भाजपा ही सक्रिय कांग्रेस की बात करें तो 65,014 बीएलए में से अब तक 127 ने दावा आपत्ति की प्रक्रिया में भाग लिया है। है। इन्होंने भी नाम जोडऩे के आवेदन अधिक किए हैं। इससे साफ है कि सूची के लेकर जो आरोप लगाए जा रहे थे वे वास्तव में आरोप ही हैं अन्यथा जिनके नाम हटाए गए उनकी भीड़ मतदान केंद्रों पर लग रही होती। उधर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व मंत्री पीसी शर्मा की अगुआई में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा से मिलने पहुंचा।

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