
- फूड प्रोसेसिंग का बड़ा हब बनेगा आगर मालवा
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र औद्योगिक विकास के क्षेत्र में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन नीतियां, सिंगल विंडो प्रणाली और सुदृढ़ आधारभूत संरचना का सकारात्मक प्रभाव अब आगर-मालवा जिले में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। आगर-मालवा जिला अभ्युदय आगर-मालवा के संकल्प के साथ औद्योगिक और आर्थिक समृद्धि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आगर-मालवा जिले में 124 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित तीन औद्योगिक क्षेत्र संचालित हैं। पिछले दो वर्षों में आगर-मालवा जिले में 3 नवीन औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हुई है। यह जिले में उद्योगों के प्रति निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। अब आगर मालवा जिला फूड प्रोसेसिंग का बड़ा हब बनेगा। दुनिया में फ्रोजन फूड बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी मैक्केन आगर मालवा में बड़ा फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर विकसित करेगी। कुल 83 एकड़ औद्योगिक भूमि पर ये क्लस्टर विकसित होगा। जिले के औद्योगिक विकास में फेज-1 एवं फेज-2 के साथ-साथ फेज-3 में स्थापित मैककेन फूड्स प्रमुख भूमिका निभा रहा है। मैककेन फूड्स को फेज-3 में 54 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। इस परियोजना के माध्यम से 3,800 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिससे 2,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह परियोजना आगर-मालवा को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान दिला रही है। इसके अलावा यहां एआरएफएम फूड्स प्रा. लि. के आने से क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एग्रो व फूड प्रोसेसिंग पार्क स्थापित हुआ, जिससे 150 करोड़ का निवेश, 500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार और स्थानीय कृषि व अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने बताया कि बड़े निवेश, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार और व्यापक रोजगार सृजन के माध्यम से आगर-मालवा जिला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह जिला औद्योगिक विकास और रोजगार के क्षेत्र में प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा। अब दुनिया में फ्रोजन फूड बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी मैक्केन आगर मालवा में बड़ा फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर विकसित करेगी। कुल 83 एकड़ औद्योगिक भूमि पर ये क्लस्टर विकसित होगा। इसमें 50 एकड़ क्षेत्र में मुख्य फूड प्रोसेसिंग प्लांट और 33 एकड़ में सहायक सुविधाएं स्थापित होंगी, जिनमें स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर आदि शामिल है। यह परियोजना अपने पैमाने में देश के चुनिंदा बड़े फूड प्रोसेसिंग हब में से एक होगी। इससे न केवल फूड प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ेगी, बल्कि मप्र से एक्सपोर्ट की क्षमता बढ़ेंगी। कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन और इंटरनेशनल सप्लाई चेन बनेगी, पूरे क्षेत्र के स्थानीय किसानों को फायदा मिलेगा। इस परियोजना के शुरू पूरे मालवा क्षेत्र के आलू उत्पादन किसानों को फायदा मिलेगा, कभी ज्यादा उत्पादन से दाम गिरे तो नुकसान नहीं होगा। मप्र को फूड प्रोसेसिंग और फ्रोजन फूड इंडस्ट्री में बड़ा हब बन सकता है। आगर मालवा से पहले कंपनी ने सीहोर, शाजापुर, मोहासा बाबई (नर्मदापुरम) के अलावा इंदौर के आसपास भी जमीन देखी थी। गेहूं और सोयाबीन के लिए प्रसिद्ध आगर मालवा बीते सालों में आलू उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ा है। क्षेत्र में चना, अरहर, मक्का, उरद, मूंग की भी खेती होती है इसलिए फूड प्रोसेसिंग का बड़ा क्लस्टर बनने की पूरी क्षमता है।
बड़े निवेश पर सैद्धांतिक सहमति
कनाडा के कंपनी मैक्केन ने फरवरी में हुई ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हिस्सा लेकर फूड प्रोसेसिंग में बड़े निवेश पर सैद्धांतिक सहमति दी थी। हाल ही में कंपनी को आगर मालवा में जमीन अलॉट कर दी गई है। उद्योग विभाग के मुताबिक, आलू से जुड़े फ्रोजन फूड उत्पादों की दुनिया की सबसे बड़ी प्रोसेसिंग कंपनी अब जमीन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरा कर रही है और जल्द जमीनी काम भी शुरू होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधी कनेक्टिविटी, 46 मीटर चौड़ी पहुंच सडक़, रेल और एयर कनेक्शन, जलापूर्ति, बिजली, आधुनिक लॉजिस्टिक्स सहित तमाम सुविधाओं के चलते प्रोजेक्ट के लिए जमीन तय की गई है। साल 1957 में स्थापित हुई मैक्केन का कामकाज 160 से अधिक देशों में फैला हुआ है। गुजरात के मेहसाणा के बाद ये कंपनी का देश में दूसरा उत्पादन क्षेत्र होगा। पहला चरण वर्ष 2030 तक पूरा किया जाएगा, जिसमें फ्रेंच फ्राइज और विशेष आलू उत्पादों के निर्माण की इकाइयां लगेंगी। इस चरण में फ्रेंच फ्राइज की वार्षिक उत्पादन क्षमता 150 किलो टन और विशेष उत्पादों की 60 किलो टन क्षमता तय की गई है। दूसरा चरण वर्ष 2040 तक प्रस्तावित है, जिसमें अतिरिक्त उत्पादन सुविधा के जरिए क्षमता और आगे बढ़ाई जाएगी।
