बिजली कंपनियों को घाटा, तीन गुना… महंगी हो सकती है बिजली

बिजली कंपनियों
  • घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के टैरिफ में हो सकता है सबसे ज्यादा इजाफा

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश में एक बार फिर बिजली महंगी करने की तैयारी है। बिजली कंपनियों ने 6044 करोड़ के घाटे की भरपाई के लिए याचिका दायर की थी। मप्र विद्युत विनियामक आयोग ने इस याचिका को मंजूर कर लिया है। याचिका पर दावे-आपत्ति सुझाव के लिए आयोग में 25 जनवरी तक आवेदन किए जा सकते हैं। इसकी सुनवाई 24 से 26 फरवरी तक होगी। बिजली के प्रस्तावित टैरिफ में घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं की बिजली को ज्यादा महंगी करने की तैयारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के टैरिफ में 9.28 फीसदी तक इजाफा हो सकता है। कृषि उपभोक्ताओं की बिजली में 13 फीसदी तक महंगी हो सकती है। प्रदेश की बिजली कंपनियों ने दायर याचिका में बताया है कि वर्तमान टैरिफ 59 हजार 331 करोड़ का राजस्व प्राप्त हो रहा है। जबकि बिजली कंपनियों को साल 2026-27 में 65 हजार 374 करोड़ के राजस्व की जरूरत है। इस तरह से बिजली कंपनियों के राजस्व में 6044 करोड़ का अंतर आ रहा है। इस अंतर की भरपाई के लिए कंपनियों ने 10.19 फीसदी टैरिफ बढ़ाने की मांग आयोग से की है। बिजली का नया टैरिफ 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा। बिजली कंपनियों की मांग के मुताबिक अगर टैरिफ में इजाफा होता है, तो बिजली पिछली बार से करीब तीन गुना महंगी हो जाएगी। इस बार घरेलू बिजली टैरिफ में प्रति यूनिट 51 पैसे तक इजाफा करने की मांग कंपनियों ने रखी है।
पिछली बार बताया था 4107.18 करोड़ का घाटा
बिजली कंपनियों ने पिछली बार 4107.18 करोड़ का घाटा बताते हुए बिजली के मौजूदा टैरिफ में 7.52 फीसदी इजाफा करने की मांग की थी। इसके बदले आयोग ने 3.46 फीसदी इजाफा किया था। बिजली कंपनियों ने साल 2025-26 के लिए 58744.15 करोड़ के राजस्व की आवश्यकता बताई थी। कंपनी के मुताबिक प्रचलित दरों पर 54636 करोड़ का राजस्व मिलेगा। इससे बिजली कंपनियों को 4107.18 करोड़ का नुकसान होगा। इसकी भरपाई के लिए कंपनियों ने टैरिफ बढ़ाने की मांग की थी। इस बार कंपनियों ने पिछली बार से ज्यादा घाटा बताया है। ऐसे में इस बार बिजली के टैरिफ में पिछले साल से ज्यादा इजाफा हो सकता है।
महंगी होगी किसानों की बिजली
कंपनियों ने किसानों को मिलने वाली बिजली को भी महंगा कर दिया है। कंपनियों ने किसानों और घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की बिजली में इस बार ज्यादा इजाफा किया है। किसानों को दी जाने वाली बिजली के टैरिफ को एक समान करने की मांग बिजली कंपनियों ने की है। किसानों की बिजली 13.82 फीसदी तक महंगी हो सकती है।
इस तरह महंगी होगी बिजली
घरेलू 9. 28 फीसदी
गैर-घरेलू 8.76 फीसदी
सार्वजनिक जल प्रदाय एवं स्ट्रीट लाइट 11.89 फीसदी
एलटी औद्योगिक 8.08 फीसदी
कृषि एवं सहायक उद्योग 13.82 फीसदी
ई-वाहन व ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन 9.76 फीसदी
रेलवे ट्रैक्शन 5.55 फीसदी
कोयला खदानें 6.30 फीसदी
औद्योगिक 6.19 फीसदी
गैर-औद्योगिक 6.67 फीसदी
कुल औसत प्रस्तावित वृद्धि 10.19 फीसदी

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