बिच्छू राउंडअप/ललन-सम्राट के साथ पीएम मोदी-शाह से मिले नीतीश कुमार

ललन-सम्राट के साथ पीएम मोदी-शाह से मिले नीतीश कुमार
बिहार के दसवीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार नीतीश कुमार ने सोमवार को सीएम नीतीश कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री एवं जदयू सांसद ललन सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे। पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के बीच करीब 25 मिनट तक बातचीत हुई। वहीं गृह मंत्री से 15 मिनट तक बातचीत हुई। दोनों बैठक के दौरान बिहार से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को और मजबूत करने, विकास योजनाओं को गति देने तथा कानून-व्यवस्था और सुशासन से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे सीएम नीतीश कुमार ने सोमवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। ये बैठक 30 मिनट तक चली। पीएम आवास पर हुई मुलाकात में नीतीश के साथ जदयू अध्यक्ष ललन सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। इस दौरान बिहार सरकार की प्राथमिकताओं और राजनीतिक बातें हुई।
बांग्लादेश में फिर बवाल, हसीना विरोधी एक और छात्र नेता को मारी गोली
बांग्लादेश इस समय हिंसा की आग में झुलस रहा है। हाल में इंकलाब मंच के प्रवक्ता और कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद ढाका में हिंसा देखने को मिली। इस बीच बांग्लादेश में एक और हाई प्रोफाइल गोलीबारी की खबर सामने आई है। दरअसल, कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने छात्र नेतृत्व वाली नेशनल सिटिजन पार्टी के नेता पर हमला बोला है। बताया जा रहा है कि बीएनपी के खुलना डिविजनल हेड मोतालेब सिकदर को सोमवार को सिर में गोली लगी। बताया जा रहा है कि सिकदर के सिर के बाईं ओर गोली लगी है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी खुलना शहर में सोमवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने अगस्त 2024 में हुए हिंसक छात्र विद्रोह के दूसरे लीडर के सिर में गोली मार दी। यह घटना जाने-माने युवा लीडर शरीफ उस्मान हादी की हत्या के कुछ दिनों बाद हुई। कोऑर्डिनेटर, मोहम्मद मोतालेब सिकंदर को गोली मार दी गई। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब बांग्लादेश अभी तक युवा नेता उस्मान हादी की हत्या से उबर नहीं पाया है।
दिल्ली हाई कोर्ट में ईडी की याचिका पर सुनवाई, सोनिया-राहुल को नोटिस
दिल्ली हाई कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य के खिलाफ मनी-लॉन्ड्रिंग शिकायत पर ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने शिकायत का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित और लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा, जबकि सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी और आर. एस. चीमा ने अदालत में दलीलें दीं। दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की ईडी की याचिका पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च 2026 को होगी। हाईकोर्ट में ईडी ने 16 दिसंबर के ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि एजेंसी की शिकायत पर संज्ञान लेना कानूनन अस्वीकार्य है, क्योंकि यह किसी एफआईआर पर आधारित नहीं है।
उत्तराखंड में जंगल की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे को लेकर सीजेआई भडक़े

सुप्रीम कोर्ट ने आज सोमवार को उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर जंगलों की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे और अतिक्रमण पर ना सिर्फ नाराजगी जाहिर की बल्कि मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए खुद ही एक केस शुरू कर दिया। दरअसल, सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच के सामने उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में संरक्षित जमीन पर अनाधिकृत कब्जे से जुड़ा एक मामला आया था, जिस पर पीठ ने जंगल की जमीन पर निर्माण कार्य तुरंत रोकने का आदेश दिया और वन विभाग को सभी खाली जमीन पर कब्जा करने का आदेश दिया। ठंड की छुट्टियों के पहले दिन अवकाशकालीन पीठ के सामने यह मामला आया था। सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने समय पर कार्रवाई न करने के लिए राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा,  ‘हमारे लिए यह चौंकाने वाली बात है कि उत्तराखंड राज्य और उसके अधिकारी मूक दर्शक बनकर बैठे हैं, जबकि उनकी आँखों के सामने जंगल की जमीन पर कब्ज़ा किया जा रहा है।

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