पहला सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड लॉन्च करेगी सरकार

  • पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र सरकार जनवरी में अपना पहला सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड लॉन्च करने जा रही है।  सोशल इंपैक्ट बॉन्ड योजना में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह योजना सामाजिक न्याय विभाग में लागू है। सामाजिक सेवा करने वाले सर्विस प्रोवाइडर्स को एक एजेंसी के माध्यम से लाभ दिया जाएगा और यह एजेंसी ऐसा काम करने वाली संस्थाओं के काम का मूल्यांकन करेगी। इस बॉन्ड के तहत शुरू होने वाली पहली परियोजना में राज्य के 600 ओबीसी युवाओं को जापान और जर्मनी में प्लेसमेंट दिलाया जाएगा।  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही प्रदेश सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड जारी करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। परियोजना के लिए युवाओं का चयन राज्य में स्क्रीनिंग के बाद होगा। चयनित युवाओं को नियुक्त एजेंसी द्वारा कौशल विकास प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास और जापानी जर्मन भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद योग्य युवाओं को जापान और जर्मनी भेजकर उनके कौशल के अनुरूप नौकरी दिलाई जाएगी। दोनों देशों के दूतावास पहले ही लिखित रूप से 300-300 पदों की उपलब्धता की पुष्टि कर चुके हैं। सरकार ने सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। पहली परियोजना पर 20 करोड़ रुपए से कम खर्च आएगा और इसे पूरा होने में लगभग एक वर्ष का समय लगेगा।
निवेशकों को कोई रिटर्न नहीं मिलता
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम को इस बॉन्ड में साझेदार बनाया जाएगा। सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड सरकार और निवेशकों के बीच एक अनुबंध होता है, जिसके तहत, सरकार सामाजिक परिणाम हासिल होने पर ही भुगतान करती है, लक्ष्य पूरे न होने पर निवेशकों को कोई रिटर्न नहीं मिलता। यह मॉडल स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक न्याय, महिला-बाल विकास, पिछड़ा वर्ग कल्याण जैसे क्षेत्रों में अधिक प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निवेशकों और सामाजिक संगठनों को जोडऩे का माध्यम बनता है। वित्त विभाग के अनुसार, कई एनजीओ और सामाजिक संस्थाएं कल्याणकारी परियोजनाओं में निवेश करना चाहती हैं, लेकिन प्लेटफॉर्म की कमी होती है। सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड उन्हें एक संगठित और सुरक्षित मंच प्रदान करेगा।

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