
- संघ की पृष्ठभूमि वाले नेताओं को अहम पदों की सौंपी जिम्मेदारी
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश भाजपा के मुख्यालय में अब अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। इसके लिए संगठन ने संघ की पृष्ठभूमि वाले नेताओं को अहम पदों की जिम्मेदारी सौंपी है। इनके द्वारा संगठन की गाइड लाइन से बाहर जाने वाले नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक नकेल कसी जाएगी।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश संगठन के अहम दायित्व संघ की पृष्ठभूमि वाले नेताओं को सौंप दी है। चाहे वह कार्यालय मंत्री का पद हो या फिर कार्यालय व्यवस्था प्रभारी का दायित्व उन नेताओं को दिया गया है, जिन्होंने पूर्व में संभागीय संगठन मंत्री की भूमिका का निर्वाहन किया है। अब इन नेताओं को संगठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण पद देकर अनुशासन पर फोकस करने का प्रयास किया है। संगठन से जुड़े एक नेता की बात मानें तो पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से प्रदेश मुख्यालय से लेकर जिलों में कुछ भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गलत आचरण और पार्टी विरोधी गतिविधियों की शिकायतें सामने आई है। जिस तरह से पार्टी से जुड़े बड़े नेताओं और विधायकों द्वारा सरेआम अपने बयानों या कृत्यों से सरकार को कठघरे में खड़ा किया है, उससे संघ और पार्टी का शीर्ष नेतृत्व बेहद नाराज था। इस वजह से विपक्षी दलों को भी पार्टी को घेरने का मौका मिला, जिससे आम जन के बीच दल की किरकिरी भी हुई है। ऐसे में पार्टी ने संघ की पृष्ठभूमि वाले नेताओं को खास जिम्मेदारी देकर कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
संभागीय संगठन मंत्री की अवधारणा को खत्म किया
उल्लेखनीय यह है कि संघ के सुझाव पर पार्टी ने जब संभागीय संगठन मंत्री की अवधारणा को खत्म किया था और तब संभागीय संगठन मंत्री की भूमिका निभाने वाले नेताओं को निगम मंडल में जगह दी गई थी। इनमें सागर और भोपाल संभाग के प्रभारी रहे आशुतोष तिवारी को गृहनिमांण मंडल का अध्यक्ष बनाया गया था, तो ग्वालियर संभाग के संगठन मंत्री रहे शैलेन्द्र बरुआ को पाठ्य पुस्तक निगम, उज्जैन संभाग के संगठन मंत्री रहे जितेन्द्र लटोरिया को खादी ग्रामोद्योग रहे है। इसी तरह इंदौर संभाग के संगठन मंत्री रहे जयपाल सिंह चावड़ा को इंदौर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया था।
तो क्या ये निगम मंडल से रहेंगे दूर
इन दिनों भाजपा मुख्यालय से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक यह चर्चा हो रही है कि महज कुछ महीनों निगम मंडलों में कैबिनेट और राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त पदों पर रहे नेताओं को संगठन की जिम्मेदारी देकर उनके निगम मंडलों में फिर से नियुक्ति के रास्ते बंद कर दिए गए है।
इन नेताओं को मिले हैं ये पद
– शैलेंद्र बरुआ- प्रदेश उपाध्यक्ष, संभागीय प्रभारी
– आशुतोष तिवारी- प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी
– जितेंद्र लिटोरिया- कार्यालय व्यवस्था प्रभारी
– जयपाल सिंह चावड़ा- अध्यक्ष-किसान मोर्चा
– मनोरंजन मिश्रा- प्रदेश मोर्चा प्रभारी
