मप्र में बढ़ रही अफसर-विधायकों में तकरार

  • डिंडौरी, चाचौड़ा, पिछोर के बाद भिंड के विधायक ने किया बवाल

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र में अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। भिंड में कलेक्टर के विधायक को उंगली दिखाने पर विधायक द्वारा कलेक्टर पर मु_ी तानने तक ही स्थिति बन गई। इससे पहले भाजपा के तीन अन्य डिंडौरी, चाचौड़ा और पिछोर विधायक भी जिलों के कलेक्टर और एसपी से आमने-सामने आ चुके हैं। कहीं कलेक्टर पर जनसुनवाई नहीं करने और विकास कार्य रोकने के आरोप लगे हैं तो कहीं एसपी पर मनमानी के मामले में शिकायत की गई। ऐसे में प्रदेश में लगातार अधिकारियों और भाजपा विधायकों के साथ हो रही घटनाओं ने उनके आपसी संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
 भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के साथ भाजपा विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह द्वारा किए गए आचरण पर मप्र आईएएस एसोसिएशन ने चिंता व्यक्त की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव ने कहा कि इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से चर्चा कर रहे हैं। किसी भी अधिकारी के साथ इस का व्यवहार अनुचित और चिंतनीय है। दरअसल, भिंड से भाजपा विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह ने खाद संकट को लेकर समर्थकों के साथ कलेक्टर बंगले के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था। जब कलेक्टर विधायक से मिलने के बाद बंगले से बाहर निकले तो गेट पर ही विधायक कुशवाह ने कलेक्टर पर हाथ उठाया। उन्हें मारने की कोशिश की। सुरक्षा कर्मियों ने कलेक्टर को बचाया। इस दौरान विधायक समर्थकों ने कलेक्टर चोर के नारे लगाए। पूरा घटनाक्रम का वीडियो वायरल हो रहा है।  किसी कलेक्टर या प्रशासनिक अधिकारी के साथ की गई अभद्रता का यह पहला प्रकरण नहीं है। इससे पहले भी बड़वानी कलेक्टर काजल जावला को हटाने के लिए मंत्री गौतम टेटवाल मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं। इसी तरह मंडला विधायक नारायण सिंह पट्टा ने प्रशिक्षु आइएएस एसडीएम आकिब खान पर घर में घुसकर विधायक की मां को धक्का देने का आरोप लगाया था। भोपाल सांसद आलोक शर्मा नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण पर फोन न उठाने का आरोप लगा चुके हैं। वहीं राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल अवैध शराब मामले में रायसेन कलेक्टर को घेर चुके हैं।
कुशवाह का लंबा आपराधिक इतिहास
भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उनके शपथ पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार कुशवाह के विरुद्ध लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल प्रयोग से संबंधित छह महीने की सजा भी सुनाई जा चुकी है। अभी यह मामला अपील में है। भिंड देहात थाने का आइपीसी धारा-342, 506बी, 504, 34 का एक मामला विचाराधीन है। शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने और दंगा करवाने के मामले में भी अपराध दर्ज रहा है। एसटीएससी एक्ट, अगवा कर मारपीट करने जैसे मामले भी कुशवाह के खिलाफ दर्ज हैं। भिंड कलेक्टर के साथ भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह द्वारा घूंसा मारने के प्रयास से अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी नाराज हैं। अधिकारियों ने कहा के सरकारी कामकाज में बाधा डालने और कलेक्टर के साथ गाली गलौज करने के मामले में विधायक कुशवाह के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए।  

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