हनीट्रैप में उलझाने वाली गैंग का होगा पर्दाफाश

हनीट्रैप
  • शराब कारोबारी भूपेंद्र रघुवंशी के जान देने का मामला…
  • खुलासा फस्र्ट

इति तिवारी की ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर जान देने वाले पब-बार एंड रेस्टोरेंट संचालक भूपेंद्र रघुवंशी की आत्महत्या का मामला कल दिनभर शहर में चर्चा में रहा। हनीट्रैप में फंसकर जान देने वाले भूपेंद्र रघुवंशी ने खुद चार पेजों के सुसाइड नोट में इति की अति का खुलासा किया था। इस बीच खुलासा फस्र्ट ने जब भूपेंद्र रघुवंशी खुदकुशी कांड की पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि गांजा और शराब पीने की आदी इति तिवारी भूपेंद्र पर दबाव बनाकर विदेश तक घूमने जा चुकी थी। इतना ही नहीं, इति की बहन शिवांगी और खास दोस्त आरिशा जैन से पुलिस पूछताछ करे तो और भी चौंकाने वाले खुलासे होंगे।
उल्लेखनीय है कि परसों देर रात अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र की भवानीपुर कॉलोनी में रहने वाले शराब कारोबारी भूपेंद्र पिता लक्ष्मीनारायण ने अपने घर में जहरीला इंजेक्शन लगाकर जान दे दी थी। शोशा, पीचर्स और मिस्टर स्कल पब और विजय नगर चौराहा पर बनी अपोलो प्रीमियम बिल्डिंग स्थित कहानी रेस्टॉरेंट के मालिक रहे भूपेंद्र रघुवंशी ने चार पेजों का सुसाइड नोट लिखकर अपनी मौत का जिम्मेदार इति तिवारी को बताया था। इंदौर में महालक्ष्मी नगर में बहन शिवांगी के साथ रहने वाली इति तिवारी की पहचान भूपेंद्र रघुवंशी से शोशा पब में ही हुई थी। दिल्ली में शादी के बाद वह पति के पास चली गई। करीब छह माह से उसकी मुंबई में नौकरी लगी तो वहीं रहने लगी, लेकिन इस बीच वह जब भी इंदौर आती भूपेंद्र को लगातार प्रताडि़त और ब्लैकमेल करती। फोन पर भी उन्हें धमकाती थी। 25 लाख रुपए भी ले चुकी थी। कार, फ्लैट और आईफोन की मांग करती थी।
पुलिस करेगी पूछताछ
भूपेंद्र रघुवंशी अपने करीबी मित्र हाईकोर्ट एडवोकेट अंशुमन श्रीवास्तव, रिवॉल्यूशन पब के मालिक दीपेश मोटवानी और उनके पार्टनर श्रीकांत को सारी बातें बताते थे। इति तिवारी ने भूपेंद्र के पब में भी नशाखोरी के बाद उनसे विवाद किया था। तब भी उसने दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी थी। तब दीपेश और श्रीकांत ने दोनों का समझौता कराया था। इस समझौते में 25 लाख रुपए देकर लिखा-पढ़ी कराई थी कि इति अब भविष्य में कभी भूपेंद्र को परेशान नहीं करेगी, लेकिन कुछ दिनों बाद ही उसके मन में लालच आया और फिर ब्लैकमेल करने लगी। उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि भूपेंद्र से लिए रुपयों के लेन-देन का पता लगाने के लिए इति तिवारी और उसकी बहन शुभांगी के बैंक डिटेल्स निकालेंगे। अभी टेक्निकल टीम भूपेंद्र के बैंक अकाउंट और इति के अकाउंट की डिटेल निकाल रही है, ताकि पता चले कि भूपेंद्र ने इति को कितनी बार रुपए दिए। दोनों के परिवार और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जाएगी। भूपेंद्र ने सुसाइड नोट में जिन भी दोस्तों करण भैया, दीपेश भैया और श्रीकांत भैया का जिक्र किया है उनसे भी जानकारी जुटाई जाएगी। भूपेंद्र के ड्राइवर शुभम से भी पूछताछ की जाएगी।

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