शूटर्स को पुराने खोखे जमा कराने पर ही मिलेंगे कारतूस

  • नाम स्पोट्र्स कोटे से लाइसेंस-कारतूस लेने वालों की होगी पहचान

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
राजधानी के 77 प्रख्यात शूटर्स के कारतूसों में गड़बड़ी की जांच कर रही जिला प्रशासन की टीम ने सोमवार को 14 शूटर्स को बुलाकर उनकी गन, लाइसेंस और कारतूसों के रिकॉर्ड की पड़ताल की। अफसरों ने जब शूटर्स से दस साल पुराने कारतूस के बिल मांगे, तो उन्होंने कहा कि इतने पुराने बिल नहीं हैं। दस साल पुराने कारतूस के खोखे भी अब नहीं दिखाए जा सकते हैं। नेशनल रायफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया से रिकॉर्ड लिया जा सकता है। सुनवाई के दौरान एसडीएम बैरागढ़ रविशंकर राय सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सुनवाई की वजह से तहसील में दिन भर शूटर्स परेशान होते रहे।
शूटर्स बोले, बार-बार बुलाकर पूछताछ की जा रही, प्रैक्टिस का हो रहा नुकसान
सोमवार को पेशी पर आर शूटर्स ने जिला प्रशासन की जांच को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मन और कारतूस के संबंध में पहले से जिला प्रशासन के पास रिकॉर्ड है। बावजूद इसके लिए शूटर्स को बार-बार बुलाकर पूछताछ की जा रही है। ऐसे में कई नेशनल और इंटरनेशनल टूर्नामेंट है, बावजूद इसके प्रेक्टिस का नुकसान हो रहा है।  टूर्नामेंट खेलने वाले शूटर्स दिल्ली स्थित नेशनल रायफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया से कारतूस खरीदते हैं, जहां से उन्हें बाजार रेट से कम दाम पर कारतूस दिए जाते हैं। शूटर्स यहां से थोक में पांच से लेकर दस हजार तक कारतूस खरीदते हैं। रेंज में प्रेक्टिस के बाद कारतूस के खाली खोखों को भी सुरक्षित रखा जाता है।
सैय्यद शमून बुखारी कोहेफिजा, पीयूष गोगिया शाहजहांनाबाद, फैजल नईम खान कोतवाली, असलम परवेज, आमिर खान तलैया, सुबयबा बुखारी कोहेफिजा, सैय्यद आरेब परवेज कोहेफिजा, आराश हुसैन कोहेफिजा, अहमद नजीफ किदवई शाहजहांनाबाद, निशात खान तलैया, फईम हसन तलैया, हसीब खान तलैया, सैय्यद फारुख हुसैन शाहजहांनाबाद और सैय्यद शारिक बुखारी कोहेफिजा को बुलाया गया था।
सामान्य जांच कर रहे
राजधानी के शूटर्स के लाइसेंस, गन और कारतूस को लेकर सामान्य रूप से जांच की जा रही है। जो शूटर्स लंबे टाइम से टूर्नामेंट नहीं खेल रहे हैं, बावजूद इसके कारतूस भी लेते हैं. उनकी जांच की जा रही है। जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद एक्शन लिया जाएगा। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर
जांच को लेकर टीम का गठन किया
दर असल कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने टूर्नामेंट खेलने वाले शूटर्स के कारतूसों की जांच को लेकर टीम का गठन किया है। जिसके तहत शूटर्स की गन, लाइसेंस और कारतूस की जांच की जा रही है। ऐसे में शूटर्स में हडक़ंप मचा हुआ है। जिला प्रशासन ने राजधानी के शूटर्स को तीन से लेकर पांच गन दी हैं, जिसे सेल्फ डिफेंस के लिए भी गन लाइसेंस जारी किए गए हैं।
31 शूटर्स को जांच से रखा बाहर
राजधानी के 77 शूटर्स में से सिर्फ 46 शूटर्स को ही नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 31 शूटर्स को जांच से बाहर रखा गया है। ऐसे में जिन शूटर्स को पेशी पर बुलाकर जांच की जा रही है, वह भी यह नहीं समझ पा रहे हैं कि 31 शूटर्स को जांच से बाहर क्यों रखा है।

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