मप्र में डेयरी क्रांति की तैयारी

 डेयरी क्रांति
  • कोकता में बनेगा नेशनल डेयरी फेडरेशन बोर्ड का रिसर्च सेंटर

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र में डेयरी विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार तैयारी कर रही है। सरकार किसानों और पशुपालकों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए राजधानी के कोकता में 100 एकड़ जमीन पर नेशनल डेयरी फेडरेशन बोर्ड का रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा। जमीन के सीमांकन को लेकर डेयरी बोर्ड और प्रशासन के बीच आज बैठक होने वाली है। इसमें जमीन के सीमांकन सहित उससे जुड़े अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी। मंगलवार या बुधवार को जमीन के सीमांकन की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
जानकारी के अनुसार इसके लिए प्रशासन ने डेयरी फेडरेशन बोर्ड को 100 एकड़ जमीन आवंटित की थी। इसका आधिपत्य भी डेयरी बोर्ड को सौप दिया था। जमीन के आसपास कई बड़े प्रोजेक्ट और कॉलोनियां डवलप की जा रही है। डेयरी बोर्ड ने प्रशासन को जमीन का सीमांकन कराकर चिह्नित करने के लिए आवेदन दिया है। प्रशासन जमीन के सीमांकन के लिए आसपास के किसानों को नोटिस भेजा गया है। प्रशासन ने 20 जमीन मालिकों को सीमांकन के लिए नोटिस भेजा है। उन्हें सीमांकन के समय मौजूद रहेना होगा। इसके लिए मछली परिवार के शफीक अहमद, शावर अहमद, शारिक अहमद, तारिक अहमद सोहेल अहमद और शावेज अहमद को नोटिस जारी किया गया है। साथ ही लोधी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के देवेंद्र लोधी अवधि रियल स्टेट बिल्डर्स पार्टनर पाटनी (पुत्र विजय पाटनी) अन्य व्यक्ति, निरांक जैन, सुधीर शर्मा, ऊया सिन्हा, शर्मिला ठाकरे, मीनू जैन, अमित जैन, अनुज साहू, अंजली जैन, चतर सिंह, धनसिंह, पवन कुमार, लाल सिंह के साथ ही नगर निगम भोपाल जोन ऑफिस को भी नोटिस जारी किया गया है। बता दें कि इस जमीन का सरकारी मूल्य 50 लाख रुपए प्रति एकड़ है, वहीं इसका बाजार मूल्य करीब 2 करोड़ रुपए प्रति एकड़ है। भोपाल में मछली परिवार पर अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। बताया जाता है कि कोकता बायपास की 99 एकड़ शासकीय जमीन पर कब्जे के आरोप में मछली परिवार समेत 20 लोगों को नोटिस जारी किए गए। सांसद आलोक शर्मा ने सारिक मछली जैसे आरोपियों को फांसी देने और सख्त कार्रवाई की मांग की।
बोर्ड की जमीन पर बन रही अवैध कॉलोनी
नेशनल डेयरी फेडरेशन बोर्ड के लिए आवंटित जमीन के आसपास ही शारिक मछली परिवार द्वारा कोटयार्ड कॉलोनी विकसित की जा रही है। ऐसे में प्रशासन को उम्मीद है कि इस कॉलोनी में डेयरी फेडरेशन की जमीन निकल सकती है। जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि जमीन के सीमांकन के बाद डेयरी बोर्ड की जमीन पर अतिक्रमण या कब्जा किया गया है. तो उसे हटवाकर जमीन खाली कराकर डेयरी बोर्ड को सौपी जाएगी। प्रशासन ने वार्ड नंबर 62 अनंतपुरा कोकता में खसरा नंबर 55 स्थित शासकीय भूमि पर शकील अहमद पिता शरीफ अहमद द्वारा बनाए गए फार्म हाउस और अतिक्रमित कृषि भूमि कुल 40 एकड़, जिसकी अनुमानित बाजार मूल्य करीब 55 करोड़ को मुक्त कराया। शारिक पिता शरीफ अहमद का वेयर हाउस 40000 वर्ग फिट पर वार्ड नंबर 67 अनंतपुरा कोकता जिसकी अनुमानित बाजारू कीमत 10 करोड़ है। वार्ड नंबर 62 अनंतपूरा कोकला में शकील अहमद पिता शरीफ अहमद द्वारा लगभग 2 एकड़ शासकीय भूमि पर बनाए गए सुमन फार्म, जिसकी अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 5 करोड़ को मुक्त कराया। वार्ड नंबर 62 अनंतपुरा कोकता में इरशाद अहमद पिता सरफराज मोहम्मद खान द्वारा एक एकड़ शासकीय भूमि पर बनाए गए कारखाने और अतिक्रमण की गई 3 एकड़ शासकीय भूमि को मुक्त कराया। जिसकी अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 10 करोड़ है। वार्ड नंबर 62 अनंतपुरा कोकता में अवउल रहमान पिता मुफ्ती रईस अहमद खान द्वारा लगभग 1 एकड शासकीय भूमि पर अवैध मदरसा और बनाई गई दुकानों को तोड़ा। जिसकी अनुमानित बाजार मूल्य 5 करोड़ है। शरीक पिता शरीफ अहमद द्वारा 5 एकड़ शासकीग भूमि पर अवैध रूप से बकरा, मुर्गी फार्म और स्टोर रूम बनाकर अतिक्रमण किया किया गया था। जिसकी अनुमानित बाजार मूल्य 8 करोड़ है। शारिक अहमद उर्फ मछली, सोहेल अहमद शफीक अहमद तीनों के पिता शरीफ अहमद द्वारा वार्ड नंबर 62. अनंतपुरा कोकता में शासकीय भूमि पर तीन मंजिल कोठी बनाई गई थी। इसके आसपास करीब 1 एकड़ जमीन भूमि से बाउंड़ी और अवैध स्टोर रूम झूला को हटाया। वहीं अवैध मकान को शासन ने अधिपत्य में लिया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 करोड़ है। यह सभी अतिक्रमण शासकीय भूमि पर बिना अनुमति के बनाए गए थे। उक्त सभी निर्माण को हटाने के लिए नगर निगम द्वारा नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सभी निर्माण ध्वस्त करवा दिया। खाली कराई गई जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ आंकी गई है।

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