- सभी राज्यों में एक जैसी होगी कांग्रेस जिलाध्यक्षों की कार्य पद्धति

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
भोपाल संगठन सृजन अभियान के माध्यम से मध्य प्रदेश में नियुक्त 71 जिला कांग्रेस अध्यक्षों का पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम रविवार को नई दिल्ली में होगा। इसमें अलग-अलग सत्रों में संगठन को सशक्त बनाने, संवाद और संपर्क के तौर-तरीकों के साथ पार्टी की अपेक्षाओं को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी नवनियुक्त जिलाध्यक्षों से संवाद करेंगे। इसमें वह मिशन 2028 (विधानसभा चुनाव) के लिए जीत का फार्मूला बताएंगे। दरअसल, जिलाध्यक्षों की भूमिका आगामी चुनावों की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण होने जा रही है। इनकी सहमति के बिना न तो किसी को टिकट मिलेगा और न ही पद। ऐसे में अब राष्ट्रीय नेतृत्व का पूरा जोर नए जिलाध्यक्षों के नीचे जिले की कार्यकारिणी का गठन कर विधानसभावार चुनाव की तैयारियों को लेकर है। चुनाव में अभी लगभग तीन वर्ष बचे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से 66 पर समिट गई थी, जबकि भाजपा को 163 और अन्य को एक सीट मिली थी। ऐसे में अब कांग्रेस अपनी कमियां दूर कर भाजपा से आगे निकलने में कोई प्रयास नहीं छोड़ना चाहती। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल भी जिलाध्यक्षों को संबोधित कर सकते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहेंगे।
इन कार्यों की दी जाएगी जिम्मेदारी
जिलाध्यक्ष अब बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करेंगे, मतदाता सूची में अपात्र लोगों के नामों की पहचान, जाति आधारित जानकारी एकत्र कर उसका विश्लेषण करेंगे। उनके जिम्मे जीत का समीकरण बनाना, सदस्यता अभियान होगा। जिलाध्यक्षों की कार्यालय में उपस्थिति, संगठन को सशक्त बनाने और चुनावों की दृष्टि से दस्तावेज एकत्र करने का काम करना होगा। ये सभी काम अभी तक पांच से 10 प्रतिशत जिलाध्यक्ष ही अपनी रुचि से कर रहे थे, पर अब सभी को अनिवार्य रूप से करना होगा। हर तीन माह में दिए गए कार्यों का मूल्यांकन प्रदेश और राष्ट्रीय संगठन करेगा।
इस पर रहेगा विशेष जोर
जिलाध्यक्षों को क्या-क्या काम करना है। उनकी प्राथमिकता क्या रहेगी। कौन सा काम कैसे और कितने दिनों में करना है। निचले स्तर पर संगठन कैसे बनाना है। किन लोगों को साथ लेना है। रिपोर्टिंग के लिए ऐप, ऑनलाइन व्यवस्था और अन्य प्रारूप की जानकारी दी जाएगी। सभी राज्यों में अब जिलाध्यक्षों की कार्य पद्धति में एकरूपता रहेगी। उन्हें दिए गए कार्य, कार्य करने का तरीका, मूल्यांकन की पद्धति के बारे को प्रशिक्षण में जिलाध्यक्षों में बताया जाएगा। जिलाध्यक्षों के कार्यों का मूल्यांकन हर तीन माह में किया जाएगा।