
- शारिक अहमद के कुनबे की एक दशक पुरानी है आपराधिक कुंडली
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। शारिक अहमद उर्फ मछली के कुनबे का एक दशक से आपराधिक कुंडली है। उसके भाई, भतीजे समेत कई लोगों के खिलाफ गंभीर प्रकरण भी दर्ज है। यह परिवार तब निशाने पर आया जब पिछले दिनों लव जिहाद का मामला खुला। इस मामले का मुख्य आरोपी फरहान था। उसके साथ क्लब-90 में कनेक्शन होने की उस वक्त बातें सामने आई थी। अब ताजा घटनाक्रम के बाद उस पुराने मामलों की फाइल एक बार फिर से खंगालने का काम भोपाल पुलिस ने शुरु कर दिया है। पुलिस को शक है कि यासीन अहमद के जरिए ड्रग्स लेने के लिए फरहान उसके संपर्क में था। उसके मोबाइल से दर्जनों अनील और आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए थे। कुछ ऐसें ही वीडियो यासीन अहमद से भी मिले थे। जिला प्रशासन के अनुसार शकील अहमद पिता शरीफ अहमद का अनंतपुरा में लगभग 40 एकड़में अवैध फॉर्म हाउस था। जिसकी बाजार में कीमत 55 करोड़ रुपए हैं। इसी तरह शारिक अहमद का 40 हजार स्क्वायर फीट में वेयर हाउस था। यह वेयर हाउस 10 करोड़ का था। इसी तरह अनंतपुरा में ही लगभग पांच करोड़ रुपए का सुमन फार्म सरकारी दो एकड़ भूमि पर बना था। उसके एक अन्य भाई इरशाद अहमद ने सरकारी एक एकड़ भूमि पर अवैध कारखाना भी बना रखा था। इस कारखाने की कीमत दस करोड़ रुपए थी। प्रशासन ने यहां अता उल रहमान की मदद से सरकारी जमीन पर चल रहे अवैध मदरसे को भी जमींदोज किया थो यह लगभग पांच करोड़ रुपए में बनाया गया थो कुनबे का अवैध बकरा और मुर्गी फॉर्म हाउम्र पाच एकड़ में थो इन सभी अवैध हिस्सों को जिला प्रशासन की टीम ने 30 जुलाई को गिराया थो इसके बाद वह कीठी पर धावा बोलने जा रही थीे उस वक्त सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर मामले को टाला गया थो इधर, गुरुवार को हुई कार्रवाई में शारिक अहमद के वकील ने अवैध करार दिया है उन्होंने इसके खिलाफ कोर्ट में याचिका लगाने का दावा किया है।
500 पुलिस जवानों की तैनाती की गई
लगभग 500 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है जिन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दीे उसके बाद प्रशासन ने हवेली में रखे सामानों को उतार कर ट्रकों में रखा, फिर बुलडोजर और जेसीबी मशीन चलाई जा रही है जिला प्रशासन द्वारा इमारत को गिराए जाने की चल रही कार्रवाई के दौरान कई ऐसे लोग भी पहुंचे जो मछली परिवार के पीडि़त थेे।
वकील भी नहीं बचा पाए कोठी
बता दें कि, भोपाल के कोकता क्षेत्र में स्थित हताईखेड़ा डैम के पास शारिक मछली के परिवार की तीन मंजिला आलीशान कोठी बनी हुई थी। यहां करीब 15 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन पर बनी कोठी में 30 से ज्यादा कमरे बने हुए थे। यहां गैरेज, पार्क और झूला समेत अन्य एशोआराम वाली पूरी सुविधाएं मौजूद थी। प्रशासन का कहना है कि, पूरा निर्माण सरकारी जमीन पर किया गया था। इसलिए इसे तोडऩे की कार्रवाई की जा रही है। लेकिन कार्रवाई शुरु होने के कुछ देर बाद पहुंचे शारिक मछली के वकील ने इसे गलत बताया। वो अधिकारियों को कोर्ट का ऑर्डर बताते रहे, लेकिन अधिकारियों ने वकील की एक न सुनी और कार्रवाई जारी रखी। शारिक के वकील एडवोकेट गोपेश सिक्केवाल ने बताया कि, इस प्रापर्टी को लेकर हम हाईकोर्ट गए थे, वहां से हमें रिलीफ दिया था। यदि हाईकोर्ट के रिलीफ दिया है, तो किसी न किसी आधार पर दिया होगा। अब उसी आधार को लेकर हम जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों से बात करने आए थे। लेकिन ये बात करने को तैयार नहीं हैें।
अवैध कार्यों के अर्जित की गई संपत्ति
पुलिस और जिला प्रशासन की जांच कार्रवाई में इस बात का खुलासा हुआ कि इस परिवार ने कई करोड़ की संपत्ति बना रखी है और अवैध कब्जे भी हैं। यह सारी संपत्ति इस परिवार ने अवैध कार्यों के जरिए बनाई है। मछली परिवार के खिलाफ कई मामलों का खुलासा हुआ है, वहीं पीडि़त लोग भी सामने आए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस ने इस परिवार की अवैध संपत्तियों का विवरण तैयार किया और कार्रवाइयों का सिलसिला शुरू किया।
मिनटों में जमीनडोज कर दी गई आलीशान कोठी
इसी कड़ी में गुरुवार को कोकता क्षेत्र में बनी कई करोड़ों रुपए की हवेली को बुलडोजर और जेसीबी मशीनों की मदद से गिराया जा रहा है। यह हवेली लगभग 10 हजार वर्ग फीट में बनी है, वहीं कई एकड़ क्षेत्र में यह फैली हुई है जिसके आगे और पीछे आकर्षक बगीचे भी हैं। कोकता क्षेत्र की हवेली को ढहाए जाने से पहले सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए गए क्योंकि वहां रहने वाले रहवासी कार्रवाई का विरोध करने भी सामने आ गए थे।