ट्रांसमिशन लाइनों के समीप बने घातक निर्माण हटेंगे

ट्रांसमिशन लाइनों
  • मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने 3610 को भेजा नोटिस

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा प्रदेश में एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास प्रतिबंधित सीमा क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा के निर्धारित मानकों की अनदेखी कर बने घातक व अवैध निर्माणों को हटाने और लोगों को विद्युत सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पूरे प्रदेश में 3610 नोटिस ऐसे लोगों को दिए गए हैं जिन्होंने पहले से विद्यमान ट्रांसमिशन लाइन के समीप प्रतिबंधित सीमा क्षेत्र में अपने निर्माण कर लिए हैं। इनमें से सर्वाधिक संख्या इंदौर की है जहां 1031 नोटिस दिए गए हैं। इसके अलावा राजधानी भोपाल में 855 जबलपुर में 544 तथा ग्वालियर क्षेत्र में 277 नोटिस दिए गए हैं। इंदौर शहर के अलावा मालवा -निमाड़ क्षेत्र में 903 नोटिस एमपी ट्रांसको द्वारा जारी किये गए हैं।
नियमानुसार विद्युत सुरक्षा की दृष्टि से 132 केवी व उससे अधिक क्षमता की ट्रांसमिशन लाइनों के दोनों ओर 27 मीटर का कॉरीडोर प्रतिबंधित क्षेत्र है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण वर्जित है, क्योंकि ट्रांसमिशन तारों के हवा के दबाव से झूलने (स्विंग) की स्थिति में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। एमपी ट्रांसको की टीमें प्रदेश में पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम, जनजागरूकता कार्यक्रम और नोटिस के माध्यम से लोगों को समझाइश दे रही हैं। अब तक अनेक नोटिस जारी किए जा चुके हैं और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई प्रशासन की मदद से की जा रही है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्र सिंह तोमर ने अपील की है कि नागरिक अपने व परिवार की सुरक्षा को देखते हुए ट्रांसमिशन लाइनों के समीप निर्माण न करें और मानकों के अनुरूप ही भवन निर्माण कार्य करें। इससे न केवल दुर्घटनाओं से बचाव होगा बल्कि प्रदेश को सतत व सुरक्षित विद्युत आपूर्ति भी सुनिश्चित हो सकेगी।
600 से 950 गुना घातक है घरेलू बिजली से
प्रदेश में अनेक स्थानों पर ऐसे अवैध निर्माण पाए गए हैं, जो न केवल मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा हैं बल्कि प्रदेश की बिजली आपूर्ति को भी लंबे समय के लिए बाधित कर सकते हैं। आम घरों में उपयोग होने वाली विद्युत आपूर्ति की तीव्रता मात्र 230 वोल्ट होती है। यह स्तर भी इतना अधिक होता है कि यदि कोई व्यक्ति गलती से इसके संपर्क में आ जाए तो गंभीर रूप से घायल हो सकता है या उसकी जान भी जा सकती है। एक्स्ट्रा हाई टेंशन ट्रांसमिशन लाइनें, जिनमें विद्युत तीव्रता 132 केवी (यानी 132,000 वोल्ट) एवं 220 केवी (यानी 2,20,000 वोल्ट) होती है, जो कि घरेलू बिजली की तुलना में 600 से 950 गुना अधिक रहती है। यह अंतर दर्शाता है कि अगर मात्र 230 वोल्ट के संपर्क में आने से जान को खतरा हो सकता है, तो 132 या 220 केवी की ट्रांसमिशन लाइनों के पास रहने या निर्माण करने से कितना बड़ा जोखिम हो सकता है।
इंदौर, भोपाल में सबसे अधिक निर्माण
हाईटेंशन बिजली लाइनों के पास हो चुके निर्माण को हटाने के लिए अब सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। इसको देखते हुए पूरे प्रदेश में 3610 नोटिस ऐसे लोगों को दिए गए हैं, जिन्होंने पहले से विद्यमान ट्रांसमिशन लाइन के समीप प्रतिबंधित सीमा क्षेत्र में अपने निर्माण कर लिए हैं। इनमें से सर्वाधिक संख्या इंदौर की है, जहां 1031 नोटिस दिए गए हैं। इसके अलावा भोपाल में 855 जबलपुर में 544 तथा ग्वालियर क्षेत्र में 277 नोटिस दिए गए हैं। इंदौर शहर के अलावा मालवा – निमाड़ क्षेत्र में 903 नोटिस एमपी ट्रांसको द्वारा जारी किए गए हैं। एमपी ट्रांसको की टीमें प्रदेश में पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम, जनजागरूकता कार्यक्रम और नोटिस के माध्यम से लोगों को समझाइश दे रही हैं। अब तक अनेक नोटिस जारी किए जा चुके हैं और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई प्रशासन की मदद से की जा रही है।

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