
कानून व्यवस्था और सिंहस्थ के लिए होगी 22,500 पुलिसकर्मियों की भर्ती: डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत आगामी 3 वर्षों में पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती की जाएगी। अभी तक पुलिस विभाग में भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल द्वारा होती हैं। पुलिस को जल्द से जल्द मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए अब मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन किया जाएगा और यही बोर्ड पुलिस की भर्तियां करेगा। इससे पुलिस भर्ती में तेजी, पारदर्शिता और परफेक्शन आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा से युवाओं में खासा उत्साह है। वर्ष 2025 के लिए पुलिस में स्वीकृत पदों की भर्ती मप्र पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से कर्मचारी चयन मंडल करेगा। वर्ष 2026 से ये भर्तियां पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा ही की जाएंगी। प्रतिवर्ष पुलिस के रिक्त 7,500 पदों पर भर्ती की जाएगी और इस प्रकार 3 वर्ष में सभी रिक्त 22,500 पद भर दिए जाएंगे।
सोशल मीडिया से 24 घंटे में हटाएं पार्टी विरोधी पोस्ट
कांग्रेस के कुछ नवनियुक्त जिलाध्यक्षों को लेकर हो रहे विरोध के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस में हर कार्यकर्ता और पदाधिकारी को अपनी भावनाएं रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन पार्टी विरोधी गतिविधियां अथवा सोशल मीडिया पर संगठन या नेतृत्व के खिलाफ बयान देना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन पदाधिकारियों या कार्यकर्ताओं ने फेसबुक, व्हाट्सऐप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पार्टी अथवा नेतृत्व के खिलाफ बयान दिए हैं, वे तुरंत अपने वक्तव्य हटाएं और सभी भावनाएं पार्टी के मंच पर ही रखें। प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले ने बताया कि जीतू पटवारी के निर्देशानुसार सभी संबंधितों को 24 घंटे की समय सीमा दी गई है। इस अवधि के भीतर यदि पार्टी / नेतृत्व विरोधी पोस्ट या टिप्पणियां नहीं हटाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कार्यकारिणी के गठन में आसान नहीं सांसद, एमएलए को दरकिनार करना
भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल अपनी नई टीम के गठन में जुटे हुए हैं। सबसे पहले प्रदेश की 62 जिला कार्यकारिणी का गठन होना है। इसके लिए जिलों से रायशुमारी कर लौटे ऑब्जर्वर अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंप चुके हैं। अब भाजपा के सामने सबसे बड़ी मुश्किल जिला कार्यकारिणी के गठन को लेकर बनती दिख रही है। दरअसल भाजपा की यह टीम साल 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी का स्वरूप मानी जा रही है। ऐसे में ऑब्जर्वर की रिपोर्ट को आधार मानकर और सांसद, विधायकों को दरकिनार कर जिला कार्यकारिणी का गठन भाजपा के लिए आसान नहीं होगा। पहले जिला कार्यकारिणी के गठन में सांसद, विधायकों को प्राथमिकता दी जाती थी। सांसद, विधायक अपने क्षेत्र की जमावट जिला कार्यकारिणी के जरिए करते हैं। ऐसे में अकेले ऑब्जर्वर की रिपोर्ट को आधार मानकार जिला कार्यकारिणी का गठन करना आसान नहीं होगा।
सुनवाई टली, अब अगली तारीख को एसआईटी पेश करेगी स्टेटस रिपोर्ट
जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह के विवादित बयान मामले में 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है। दरअसल इस मामले की सुनवाई करने वाली जस्टिस जे. सूर्यकांत की डबल बेंच के न बैठने के कारण यह सुनवाई टल गई। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) से स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। वहीं, मंत्री विजय शाह के वकील उनकी माफी को लेकर भी अपना पक्ष रखने वाले थे। अब बेंच न बैठने के कारण आगे की सुनवाई के लिए नई तारीख तय की जाएगी। इससे पहले 28 जुलाई को जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई की थी। उस दौरान कोर्ट ने मंत्री शाह की सार्वजनिक माफी को निष्ठाहीन बताते हुए खारिज कर दिया था। अदालत का कहना था कि उनके माफीनामे वाले वीडियो में जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात स्वीकार ही नहीं की गई। जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की थी कि आप आत्मचिंतन करें कि अपनी सजा कैसे चुकाएंगे।