बिच्छू राउंडअप/खेल विधेयक को पहले उच्चतम न्यायालय के संज्ञान में लाना चाहते थे: एआईएफएफ

  • रवि खरे
एआईएफएफ

खेल विधेयक को पहले उच्चतम न्यायालय के संज्ञान में लाना चाहते थे: एआईएफएफ
ढुलमुल रवैये को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उसका इरादा इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) संकट का मुद्दा उठाने से पहले राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक के पारित होने के बारे में उच्चतम न्यायालय को अवगत कराने का था। एआईएफएफ ने 14 अगस्त को कहा था कि वह इस सप्ताह उच्चतम न्यायालय के समक्ष आईएसएल क्लबों की चिंताओं का उल्लेख करेगा जो शीर्ष स्तरीय लीग के 2025-26 सत्र के शुरू होने में देरी और खिलाडिय़ों तथा अन्य हितधारकों के सामने आने वाली कठिनाइयों से संबंधित हैं। रविवार दोपहर सूचित किया गया कि एआईएफएफ सोमवार को सुबह साढ़े 10 बजे न्यायालय के समक्ष इस मामले का उल्लेख करेगा लेकिन देर शाम तक महासंघ ने अपना निर्णय बदल दिया और सूचित किया कि वह सोमवार को इस मामले का उल्लेख नहीं करेगा। रविवार देर रात न्याय मित्र गोपाल शंकरनारायणन ने बताया कि वह एक अन्य न्याय मित्र समर बंसल के साथ सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे इस मामले का उल्लेख करेंगे। एआईएफएफ ने एक बयान में कहा, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 के संसद के दोनों सदनों से पारित होने की सूचना के आधार पर एआईएफएफ के वरिष्ठ वकील ने रविवार देर शाम एक संक्षिप्त बैठक के दौरान सलाह दी कि यह पहला पहलू है जिसे माननीय उच्चतम न्यायालय के ध्यान में लाया जाना चाहिए।

‘2007 के गौर नरसंहार की दोबारा जांच करे सरकार’, नेपाल की सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश
नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2007 के गौर नरसंहार की जांच के लिए सरकार को अनिवार्य आदेश (मैंडमस) जारी किया। यह नेपाल के राजनीतिक इतिहास की सबसे हिंसक घटनाओं में से एक मानी जाती है। जस्टिस तिल प्रसाद श्रेष्ठ और जस्टिस नित्यानंद पांडे की बेंच ने आदेश जारी करते हुए कहा कि हत्याओं से जुड़ी शिकायतों में जिनके नाम शामिल हैं, उनकी जांच जरूर होनी चाहिए।  कोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक, त्रिभुवन साह और अन्य ने चार जून 2023 को रौतहट के जिला पुलिस कार्यालय और जिला सरकारी वकील कार्यालय के खिलाफ यह याचिका दायर की थी। याचिका में गौर नरसंहार की जांच की मांग की गई थी।  यह 21 मार्च 2007 को रौतहट जिले के गौर स्थित राइस मिल मैदान में हुई थी, जब उस समय के मधेशी जन अधिकार मंच (एमपीआरएफ) और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के बीच हिंसक झड़प हो गई थी।

मनिका विश्वकर्मा बनीं मिस यूनिवर्स इंडिया 2025, विश्व मंच पर करेंगी भारत का प्रतिनिधत्व
मनिका विश्वकर्मा का सपना सच हो गया। वह मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 बन चुकी हैं। इस साल के आखिर में वह थाईलैंड में होने वाले 74वें मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस ब्यूटी पेजेंट ने मनिका विश्वकर्मा का जीवन बदल दिया, उन्हें अधिक आत्मविश्वासी बना दिया है। मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 का ताज सिर पर सजने के बाद मनिका विश्वकर्मा कहती हैं, ‘मेरा सफर शहर गंगानगर से शुरू हुआ। मैं दिल्ली आई और इस ब्यूटी कॉम्पिटिशन की तैयारी की। मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करती हूं जिन्होंने मेरी मदद की और मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया। यह ब्यूटी कॉम्पिटिशन एक खास दुनिया है, यहां हमारे अलग ही पर्सनालिटी, कैरेक्टर डेवलप होता है। यह जिम्मेदारी एक साल भर की नहीं, जिंदगी भर के लिए मेरे साथ रहेगी।’ मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 की ज्यूरी मेंबर के तौर पर एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला भी इवेंट में मौजूद थीं। वह मनिका विश्वकर्मा की जीत पर खुश हैं। उर्वशी कहती हैं, ‘कॉम्पिटिशन बहुत मुश्किल था, लेकिन विनर हमारे साथ है।

‘भारत-पाक संघर्ष मैंने रुकवाया’, ट्रंप ने फिर किया दावा, परमाणु संकट टालने की बात दोहराई
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव को खत्म करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा अब आम हो गया है। कारण है कि आय दिन किसी ना किसी प्रेस वार्ता ये सोशल मीडिया पर संबंधित सवाल के जवाब में ट्रंप ये कहते हुए सुने जाते है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच के तनाव को खत्म किया और दुनिया को परमाणु युद्ध से बचाया। इसी क्रम में ये दावा एक बार और तब बढ़ गया जब ट्रंप ने सोमवार को भी इसे दोहराया। जहां एक बार फिर उन्होंने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोका था। वॉशिंगटन स्थित ओवल ऑफिस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान छह युद्ध खत्म कराए, जिनमें भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध भी शामिल था। ट्रंप ने कहा कि मैंने छह महीनों में छह युद्ध सुलझाए हैं, जिनमें से एक बहुत बड़ा परमाणु संकट भी था। भारत और पाकिस्तान का मुद्दा भी उनमें शामिल था।

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