अनुराग जैन को मिलेगा एक्सटेंशन या किसी और को मिलेगा मौका

  • अगले मुख्य सचिव के लिए काउंटडाउन शुरू…
  • गौरव चौहान
अनुराग जैन

मप्र के मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में वल्लभ भवन में यह सवाल तैरने लगा है कि अगला मुख्य सचिव कौन होगा। अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिलेगा या फिर नए चेहरे को मौका मिलेगा। इनसे पहले रहे दो मुख्य सचिव को एक्सटेंशन मिल चुका है। वहीं, कुछ सीनियर आईएएस अधिकारियों के नाम भी इस रेस में आगे हैं। मुख्य सचिव को लेकर दो संभावनाएं हैं। पहली, अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिल जाए। दूसरी, उन्हें एक्सटेंशन न मिले।  वहीं, अगर अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है, तो वरिष्ठता के हिसाब से अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा इस पद के प्रबल दावेदार होंगे। लेकिन अपर मुख्य सचिव वन व पर्यावरण अशोक बर्णवाल और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में पदस्थ अलका उपाध्याय भी इस रेस में शामिल हैं।
अनुराग जैन 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। पिछले साल जब जैन को मुख्य सचिव बनाया गया था, तब राज्य में नई सरकार बने एक साल भी नहीं हुआ था और उन्हें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पसंद की बजाय केंद्र से आए निर्देश के आधार पर चुना गया था। जैन के मुख्य सचिव बनने के बाद प्रदेश में प्रशासनिक कसावट शुरू हो गई है। राज्य सरकार चाहती है कि बड़े प्रशासनिक निर्णयों और योजनाओं की निरंतरता बनी रहे। अनुराग जैन लंबे समय तक केंद्र और राज्य सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। उनकी प्रशासनिक पकड़ और अनुभव को देखते हुए सरकार उन्हें और समय देना चाहती है। उन्हें मुख्य सचिव बने 31 अगस्त को 11 महीने पूरे होगे। राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने के लिए भी एक्सटेंशन को आसान विकल्प माना जा रहा है। प्रदेश में वित्तीय प्रबंधन, निवेश बढ़ाने और केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन जैसी कई चुनौतियां हैं। माना जा रहा है कि इन्हें संभालने के लिए अनुराग जैन का अनुभव सरकार के काम आ सकता है।
जैन को एक्सटेंशन लगभग तय
मप्र के मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होंगे। मुख्य सचिव की सेवानिवृत्ति की तारीख नजदीक आने के साथ ही प्रशासनिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि सीएस जैन को एक्सटेंशन मिलेगा या फिर प्रदेश को नया प्रशासनिक मुखिया मिलेगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिलना लगभग तय है। मप्र सरकार जल्द ही उन्हें एक्सटेंशन देने संबंधी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज सकती है। यदि अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिलता है, तो मप्र के प्रशासनिक इतिहास में नई मिसाल बन जाएगी, जब लगातार तीन मुख्य सचिवों को सेवानिवृत्त होने के बाद एक्सटेंशन दिया गया। अनुराग जैन से पूर्व मुख्य सचिव रहीं वीरा राणा को छह महीने का एक्सटेंशन दिया गया था। ऐसे ही वीरा राणा से पूर्व मुख्य सचिव रहे इकबाल सिंह बैंस को एक साल (6-6 महीने का 2 बार) का एक्सटेंशन मिला था। हालांकि इससे पहले तत्कालीन मुख्य सचिव आर. परशुराम और बसंत प्रताप सिंह को भी सेवानिवृत्त होने के बाद छह-छह महीने का एक्सटेंशन दिया गया था।
राजेश राजौरा हैं सबसे वरिष्ठ
यदि सरकार नया मुख्य सचिव नियुक्त करने का विकल्प चुनती है, तो अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश कुमार राजौरा (1990 बैच) और अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल (1991 बैच) सीएस की रेस में सबसे आगे हैं। अनुराग जैन के रिटायर होने के बाद डॉ. राजेश राजौरा सबसे वरिष्ठ आईएएस अफसर होंगे। डॉ. राजौरा मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव रह चुके हैं। वह मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र उज्जैन संभाग के प्रभारी भी हैं। डॉ. राजौरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अपर मुख्य सचिव रह चुके हैं। वे उज्जैन संभाग के प्रभारी अधिकारी और मुख्यमंत्री के भरोसेमंद माने जाते हैं। अशोक वर्णवाल तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान और कमलनाथ के प्रमुख सचिव रह चुके हैं। उनकी छवि तेजतर्रार अधिकारी की है और वे निर्विवादित हैं। हालांकि अब तक केंद्र सरकार की तरफ से मुख्य सचिव के नाम को लेकर चौंकाने वाले निर्णय लिए गए हैं। नए मुख्य सचिव को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद सितंबर में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी हो सकती है। इस प्रशासनिक फेरबदल में अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के आईएएस अफसरों के अलावा कुछ जिलों के कलेक्टर भी बदले जाएंगे। अशोक बर्णवाल भले ही डॉ. राजौरा से एक बैच जूनियर हैं, लेकिन उन्हें मुख्य सचिव बनाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। बर्णवाल भी निर्विवादित हैं। उनकी छवि तेजतर्रार अधिकारी की है।
महिला आईएएस अफसर भी रेस में
अलका उपाध्याय भी मुख्य सचिव पद की दौड़ में हैं। वे 1990 बैच में डॉ. राजौरा के बाद वरिष्ठता में दूसरे नंबर पर हैं। पिछले दो महीने में जिस तरह से उन्होंने मध्य प्रदेश के दौरों को लेकर दिलचस्पी दिखाई है, इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वे सीएस पद के लिए सक्रिय हैं। अगर अनुराग जैन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है, तो वे विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष बन सकते हैं। हालांकि पिछले कुछ सालों से मध्य प्रदेश में मुख्य सचिव को एक्सटेंशन मिलता रहा है। ऐसे में इस बार भी संभावना है कि अनुराग जैन को एक्सटेंशन मिल सकता है।
जेएन कंसोटिया भी हो जाएंगे सेवानिवृत्त
अनुराग जैन के साथ अगस्त में जेएन कंसोटिया भी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। कंसोटिया 12 अगस्त को 60 साल के हो जाएंगे। जैन और कंसोटिया दोनों ही अधिकारियों ने 21 अगस्त 1989 को एक साथ भारतीय प्रशासनिक सेवा ज्वाइंन की थी और अब दोनों ही सेवा नियमों के अनुसार 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। हालांकि मुख्य सचिव के लिए प्रदेश में पदस्थ और केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अन्य आईएएस अधिकारी भी दावेदारों में शामिल है। अब तक केंद्र सरकार की तरफ से सीएस के नाम को लेकर चौंकाने वाले निर्णय लिए गए है। यहीं वजह है कि प्रदेश में अनुराग जैन के सेवा विस्तार को लेकर फिलहाल अभी स्थिति साफ नहीं है।

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