कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग ऐप्स -तकनीकी जगत

Contact Tracing Apps - Technical World

नईदिल्ली (बिच्छू डॉट कॉम)। पूरी दुनिया में कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए कॉन्टैक्ट ट्रैसिंग ऐप्स को काम में लिया जा रहा है।

नाम-  कोविडसेफ, देश : आस्ट्रेलिया
फीचर- यह स्वैच्छिक ऐप है। यह ब्लूटूथ की मदद से डाटा को इकट्ठा करता है। जब तक यूजर इजाजत नहीं देता है, तब तक जानकारियां अपलोड नहीं की जाती हैं और फोन में रहती हैं। डाटा को सरकार हैंडल करती है।

नाम- ट्रेस टुगेदर, देश : सिंगापुर
फीचर- अभी यह ऐप स्वैच्छिक है, पर यह अनिवार्य भी हो सकता है। यूजर के फोन में जानकारियां इन्क्रिप्टेड रूप में रहती हैं। 21 दिन पुराना डाटा अपने आप डिलीट हो जाता है। ऐप यूजर्स के मोबाइल नंबर्स को सेंट्रली इकट्ठा करता है।

नाम- आरोग्य सेतु, देश : भारत
फीचर- सरकारी और निजी क्षेत्र के एम्प्लॉइज के लिए अनिवार्य। लोकेशन ट्रेसिंग के लिए जीपीएस और ब्लूटूथ का इस्तेमाल। यूजर के लोकेशन डाटा को हर 15 मिनट में इकट्ठा करता है। यूजर्स को जानकारी मिलती रहती है कि उनके आस-पास कोई कोरोना पॉजिटिव तो नहीं है।

नाम- क्लोस कोन्टेक्ट डिटेक्टर, देश : चीन
फीचर- चीन में यह ऐप इंस्टाल करना अनिवार्य है। लोगों को सफर करने के लिए इस ऐप की जरूरत पड़ती है। वेन्यूज में एंट्रीज के लिए ऐप की आवश्यकता होती है। यह क्यूआर कोड स्कैनर्स और कलर कोड्स को काम में लेता है। सरकार डाटा को कंट्रोल करती है और जीपीएस लोकेशन पर निर्भर रहती है।

नाम- स्मीटटेस्टोप, देश : नार्वे
फीचर- इस ऐप को इंस्टाल करना स्वैच्छिक है। अगर आप किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के नजदीक है तो आपको नोटिफिकेशन मिलता है। यूजर की पहचान किसी के साथ साझा नहीं की जाती है। ऐप यूजर की जीपीएस लोकेशन के आधार पर काम करता है।

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