बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण टल सकते है मध्यप्रदेश उपचुनाव

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों से कोरोना की अपडेट जानकारी मांगी

भोपाल,  बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश में अनलॉक-2 के दौरान जिस तरह से कोरोनावायरस के संक्रमण में इजाफा हुआ है, उसे देखकर सिंतबर महीने में 25 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव टलने के आसार बनते नजर आ रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति ग्वालियर-चंबल संभाग की है। इसी वजह से चुनाव आयोग को सितंबर में भी 25 विधानसभा सीटों के उप चुनाव की तैयारी करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में उप चुनावों के आगे बढऩे की संभावना है। फिलहाल, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों से कोरोना की अपडेट जानकारी मांगी है। 12 जुलाई को बड़ामलहरा विधायक के इस्तीफा देने की वजह से अब उपचुनाव 25 स्थानों पर होंगे। लेकिन, इस क्षेत्र में चुनाव 6 महीने के भीतर दिसंबर तक हो सकते हैं। चुनाव आयोग ने बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र रिक्त होने का अभी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। यह पहला मौका है जब मध्यप्रदेश में 25 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव हो रहा है। सामान्य तौर पर इक्का-दुक्का सदस्यों के इस्तीफे या निधन से रिक्त होने वाली सीटों पर उप चुनाव कराए जाते रहे हैं, जिनकी संख्या एक-दो ही रहती है। इन विधानसभा सीटों की मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की संख्या 60 लाख के करीब है। चुनाव आयोग कोरोना महामारी के चलते कलेक्टरों से विधानसभा वार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या मंगवाई है, ताकि वहां उस हिसाब से वोटिंग की व्यवस्था की जा सके। आयोग उप चुनाव के लिए अलग से एडवाइजरी जारी करेगा। इसके लिए जहां राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। निर्वाचन आयोग भी इस मंथन में लगा है कि कोरोनाकाल में लोगों को संक्रमण से बचाकर कैसे चुनाव कराया जाए। इसी के चलते निर्वाचन आयोग ने सभी कलेक्टरों ने उनके जिले में जिन विधानसभाओं में उपचुनाव होना है, वहां कोरोना संक्रमण की स्थिति की जानकारी मांगी है। कलेक्टरों ने विधानसभा क्षेत्र के अनुसार जानकारी जुटाना शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जुलाई माह के आखिरी सप्ताह में जो संक्रमितों के आंकड़ आएंगे उन्हें जिला कलेक्टर राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेंगे।
राजनीतिक दलों पर नहीं प्रशासन का अंकुश
एक ओर जिला प्रशासन कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए तमाम प्रयास कर रहा है। जबकि राजनैतिक दलों की सभाओं और बैठकों में सावधानी के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। रिक्त विधानसभा क्षेत्रों में नेताओं के दौरे और बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इन बैठकों में नेता और कार्यकर्ता खुद ही बिना मास्क के नजर आते हैं। सोशल डिस्टेंसिंग तो दूर की बात है। प्रदेश में चुनाव के दौरान जिस तरह का नजारा देखने को मिलता है। उसे देखकर ये कहना बहुत मुश्किल है कि संक्रमण के इस दौर में चुनाव सुरक्षित तरीके से कराए जा सकते हैं।
मतदाता सूचियों में संशोधन होना बाकी…
राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों में संशोधन का कार्य भी अभी कराना है। अप्रैल माह में इसे पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन लॉकडाउन के चलते इसे टाल दिया गया, जो अभी तक शुरू नहीं हुआ है। चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले ये कार्य भी आयोग को पूरा कराना है।
इन विधानसभा क्षेत्रों में होंगे उपचुनाव…
बड़ामलहरा, डबरा, बदवावर, भांडेर, बमौरी, मेहगांव, गोहद, सुरखी, ग्वालियर, मुरैना, दिमनी, ग्वालियर पूर्व, करेरा, हाटपिपल्या, सुमावली, अनूपपुर, सांची, अशोकनगर, पोहरी, अंबाह, सांवेर, मुंगावली, सुवासरा, जौरा, आगर-मालवा।

Related Articles