तेंदुआ शिकारियों को खूब रास आ रहा है मप्र, सर्वाधिक शिकार वाला प्रदेश बना

मध्यप्रदेश

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। देश में लगातार बीते कई सालों से तेंदुआ प्रदेश के रुप में अपनी पहचान बनाने वाले मध्यप्रदेश की पहचान अब उसके अवैध शिकार के लिए भी होने लगी है। यही वजह है कि तेंदुआ शिकार के मामले में मप्र इस समय पहले स्थान पर बना हुआ है। इसकी वजह है शिकारियों के लिए यह प्रदेश बेहद मुफीद बन चुका है।  इसकी वजह से अब मप्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
मप्र देश का ऐसा प्रदेश है जहां पर तेंदुआ और बाघों की संख्या में तेजी से वृद्धि होने की वजह से उसे केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा ‘टाइगर स्टेट’ और ‘लेपर्ड स्टेट’ का खिताब भी दिया जा चुका है। इस वजह से वे तय इलाकों में आसानी से देखे जा सकते हैं। इसका फायदा शिकारियों द्वारा भरपूर उठाया जाता है। यही वजह है की सर्वाधिक होने की वजह से मप्र अब इस मामले में भी देश में शीर्ष स्थान पर आकर बदनामी का शिकार हो रहा है। यह खुलासा हुआ है रणथंभौर नेशनल पार्क द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश में बीते पांच सालों में करीब 2000 तेंदुओं का शिकार किया गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान में तेंदुओं के शिकार के सब से ज्यादा मामले पाए गए हैं। इसमें बताया गया है कि 2014 में 331, 2015 में 341, 2016 में 440, 2017 में 431, 2018 में 460 तो 2019 में 494 तेंदुओं का शिकार किया गया है।

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