पंजाब कांग्रेस के नए संगठनात्मक ढांचे के ऐलान में हो रही देरी

बाजवा-अमरेन्द्र सिंह के बीच टकराव की स्थिति बन रही बाधा
जालंधर, बिच्छू डॉट कॉम। राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा द्वारा जहरीली शराब प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री अमरेन्द्र सिंह व राज्य सरकार के खिलाफ शुरू किए गए टकराव की स्थिति के कारण पंजाब कांग्रेस कमेटी के नए संगठनात्मक ढांचे के ऐलान में देरी हो रही है। कांग्रेसी हलकों से पता चला है कि कांग्रेस हाईकमान को पंजाब कांग्रेस ने नए पदाधिकारियों की सूची बनाकर भेज दी थी।
इन पदाधिकारियों तथा जिला प्रधानों के नामों पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह व प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ की प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आशा कुमारी के साथ सहमति बन गई थी। माना जा रहा था कि नए संगठन का ऐलान जल्द हो जाएगा परन्तु इस बीच जहरीली शराब कांड होने से प्रदेश कांग्रेस में बाजवा व दूलो ने मिलकर मुख्यमंत्री व राज्य सरकार पर सियासी हमला बोल दिया। उसके बाद बाजवा की सुरक्षा को मुख्यमंत्री ने वापस ले लिया।
विवाद निपटने के बाद ही प्रदेश कांग्रेस के नए ढांचे पर लगेगी मोहर कांग्रेसी हलकों ने बताया कि अब कांग्रेस हाईकमान द्वारा जब तक बाजवा प्रकरण को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता तब तक पंजाब कांग्रेस के नए संगठनात्मक ढांचे के ऐलान में भी देरी संभावित दिखाई दे रही है। इसलिए कांग्रेसियों का मानना है कि पहले मौजूदा विवाद का निवारण होगा, उसके बाद ही प्रदेश कांग्रेस के नए ढांचे पर कांग्रेस हाईकमान की मुहर लग सकेगी। इसमें अभी कुछ समय लगने की संभावना जताई जा रही है।
माना जा रहा है कि अब अगस्त महीने के अंत या सितम्बर के शुरू में ही नया ढांचा अस्तित्व में आ सकेगा। नया ढांचा न बनने के कारण जिला इकाइयों की गतिविधियां ठप्प पड़ी हैं, क्योंकि सभी कांग्रेसियों का ध्यान इस समय नए बनने वाले जिला अध्यक्षों की तरफ है तथा साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी का भी गठन होना बाकी है जिसमें इस बार नए चेहरे शामिल किए जा रहे हैं।

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