लॉक डाउन के बीच भाजपा महिला मोर्चा की पीसी अत्यावश्यक कार्य

इंदौर, बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में रविवार के लिए जनता कफ्र्यू का ऐलान किया था। इस दौरान प्रदेश में अत्यावश्यक कार्यों को छोड़कर समस्त प्रकार के कार्यों को प्रतिबंधित किया गया है। सोमवार सुबह तक लगे कफ्र्यू के दौरान चौराहों पर पुलिस का कड़ा पहरा है, किसी काम से घर से बाहर निकले लोगों को वापस लौटाया जा रहा है। ऐसे में सांवेर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में मीडिया ने लॉकडाउन के दौरान पीसी के आयोजन को लेकर सवाल किया तो भाजपा नेत्री अंजू माखीजा ने इसे अत्यावश्यक कार्यों की श्रेणी में बताया। अंजू माखीजा ने कहा कि लॉकडाउन को देखते हुए पार्टी ने इस कार्यक्रम के लिए विशेष तैयाारी की थी। हमारे लिए पास की व्यवस्था भी की गई थी। तभी यहां कोई बड़ा नेता नहीं दिख रहा है नहीं तो जब भी पत्रकार वार्ता का आयोजन होता है नेताओं की भीड़ लग जाती है। वहीं प्रशासनिक सूत्रों ने लॉकडाउन के दौरान किसी भी प्रकार के पास जारी करने से इंकार किया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब शहर में कर्फ्यू लगा है, किसी को घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है ऐसे में इन नेताओं को आयोजन की अनुमति कैसे मिल गई।

बता दें कि प्रदेश की जल संसाधन मंत्री के विधायकी से इस्तीफा देने के कारण सांवेर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होना है। इसी को लेकर भाजपा द्वारा हर-हर मोदी, घर-घर तुलसी अभियान का आगाज होना है। रविवार को पूर्ण लॉकडाउन के बावजूद महिला मोर्चा द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया था। इस दौरान प्रेस वार्ता के आयोजन पर सवाल उठे तो भाजपा नेत्री अंजू माखिजा ने कहा कि लॉकडाउन पहले भी था तब भी आवश्यक कार्य होते थे, उनकी अलग सूची बनी थी। पार्टी ने सोचा कि लॉकडाउन भी होता है तो इसे आवश्यक कार्य की सूची में लेकर प्रेस कांफ्रेंस करना है। यह कार्यक्रम पहले से तय था इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता था। तीन दिन पहले ही कार्यक्रम तय हो गया था कि 12 जुलाई को पत्रकार वार्ता होगी और 13 जुलाई से सांवेर विधानसभा में हर-हर मोदी, घर-घर तुलसी अभियान प्रारंभ होगा। यदि पत्रकार वार्ता नहीं करते तो अभियान की जानकारी अखबारों में छप नहीं पाती। वहीं कांग्रेस द्वारा लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन कर प्रेस वार्ता आयोजित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

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