उमर-भूपेश ट्विटरवार: गृहमंत्री का बयान, कहा- सीएम की बातों में प्रमाण है, नोटिस आएगा, तो देंगे जवाब

रायपुर। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने रायपुर स्थित पुलिस लाइन में वृक्षारोपण के दौरान रक्त चंदन का पौधा लगाया। इस अवसर पर उन्होंने अलग-अलग मुद्दों पर बयान दिया है। केंद्र सरकार के कोरोना राहत पैकेज पर सवाल उठाए और उमर अब्दुल्ला के मामले में मुख्यमंत्री भूपेश का पक्ष लिया। उन्होंने कहा कि सीएम ने जो बातें कहीं है उसमें प्रमाण है। नेटिस आएगा, तो जवाब देंग। इसके साथ ही नक्सली घटनाएं और पर्चें फेंके जाने को नक्सलियों की बौखलाहट बताया और कोरोना को लेकर सावधानी बरतने की बात कही।
सीएम की कही बातों में प्रमाण है:
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बीच चल रहे ट्विटर वार पर गृहमंत्री साहू ने कहा कि कई आंतरिक चीजें होती है. मुख्यमंत्री ने जो बातें कही है, वो पूरी जानकारी और प्रमाण से कहा है. अगर कोई नोटिस उमर अब्दुल्ला की तरफ से आया, तो सीएम उसका भरपूर जवाब देंगे। बता दें कि राजस्थान कांग्रेस के साथ सचिन पायलट की बगावत को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला की रिहाई से जोड़ते हुए ट्वीट किया था। जिसके बाद से ट्विटर वार चल रहा है। उमर ने कहा है कि मेरी और मेरे पिता की रिहाई से जोडऩा गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इन आरोपों से तंग आ गया हूं। अब बहुत हुआ। भूपेश बघेल अपने सवालों का जवाब मेरे वकीलों से पाएंगे।
ऑपरेशन से बैखलाए नक्सली: बस्तर में कई नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों की ओर से पर्चे फेंके जाने और हाल की घटनाओं पर गृह मंत्री ने कहा कि सरकार के कामकाज और ऑपरेशन से नक्सलियों में भय है और जनता भी जागरूक हुई है। इसीलिए नक्सली बौखलाहट में है। डेढ़ वर्षों में सर्वाधिक नक्सली मारे गए है। काफी नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इसके कारण नक्सलियों में भय है, वो चाहते है कि ऐसा न हो। रोक लगाने के दृष्टिकोण से भय का वातावरण बनाने के लिए ऐसा प्रयास कर रहे है. वहां की जनता अब जागरुक हो चुकी है। अंदर तक हम घुस रहे है।

रायपुर, बिच्छू डॉट कॉम। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने रायपुर स्थित पुलिस लाइन में वृक्षारोपण के दौरान रक्त चंदन का पौधा लगाया। इस अवसर पर उन्होंने अलग-अलग मुद्दों पर बयान दिया है। केंद्र सरकार के कोरोना राहत पैकेज पर सवाल उठाए और उमर अब्दुल्ला के मामले में मुख्यमंत्री भूपेश का पक्ष लिया। उन्होंने कहा कि सीएम ने जो बातें कहीं है उसमें प्रमाण है। नोटिस आएगा, तो जवाब देंगे। इसके साथ ही नक्सली घटनाएं और पर्चें फेंके जाने को नक्सलियों की बौखलाहट बताया और कोरोना को लेकर सावधानी बरतने की बात कही।

सीएम की कही बातों में प्रमाण है

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बीच चल रहे ट्विटर वार पर गृहमंत्री साहू ने कहा कि कई आंतरिक चीजें होती है। मुख्यमंत्री ने जो बातें कही है, वो पूरी जानकारी और प्रमाण से कहा है। अगर कोई नोटिस उमर अब्दुल्ला की तरफ से आया, तो सीएम उसका भरपूर जवाब देंगे। राजस्थान कांग्रेस के साथ सचिन पायलट की बगावत को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला की रिहाई से जोड़ते हुए ट्वीट किया था। जिसके बाद से ट्विटर वार चल रहा है। उमर ने कहा है कि मेरी और मेरे पिता की रिहाई से जोडऩा गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इन आरोपों से तंग आ गया हूं। अब बहुत हुआ। भूपेश बघेल अपने सवालों का जवाब मेरे वकीलों से पाएंगे।

ऑपरेशन से बैखलाए नक्सली

बस्तर में कई नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों की ओर से पर्चे फेंके जाने और हाल की घटनाओं पर गृह मंत्री ने कहा कि सरकार के कामकाज और ऑपरेशन से नक्सलियों में भय है और जनता भी जागरूक हुई है। इसीलिए नक्सली बौखलाहट में है। डेढ़ वर्षों में सर्वाधिक नक्सली मारे गए है। काफी नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इसके कारण नक्सलियों में भय है, वो चाहते है कि ऐसा न हो। रोक लगाने के दृष्टिकोण से भय का वातावरण बनाने के लिए ऐसा प्रयास कर रहे है. वहां की जनता अब जागरुक हो चुकी है। अंदर तक हम घुस रहे है।

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