यस शिव बाबू को मिलेंगे रियल स्टेट पेट्रोलियम, माइनिंग से 1894 करोड़

Yes Shiv Babu to get 1894 crores from real state petroleum mining

भोपाल/राकेश व्यास/बिच्छू डॉट कॉम। इस वित्त वर्ष में कोरोना महामारी और लॉकडाउन की वजह से गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रही प्रदेश की शिव सरकार को अब कई सेक्टरों से अच्छी आय होने की उम्मीद है। इनमें खासतौर पर रियल स्टेट, पेट्रोलियम और माइनिंग सेक्टर और वैट शामिल हैं। इनमें भी रियल स्टेट, पेट्रोलियम और माइनिंग सेक्टर से अकेले 1894 करोड़ और वैट से बजट अनुमान से 1294 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व मिलने की उम्मीद है। यही वजह है कि सरकार इन सेक्टर से खजाना भरने की पूरी उम्मीद लगाए हुए है। पेट्रोलियम सेक्टर से सरकार की बड़ी उम्मीद की वजह है कि गाड़ियों की बढ़ती संख्या और उससे पेट्रोल-डीजल की खपत में होने वाली वृद्धि। इसी तरह से बीते तीन माह से जिस तरह रियल एस्टेट में लोगों द्वारा रुचि दिखाई जा रही है, उससे भी सरकार का आय को लेकर इस सेक्टर पर भरोसा बढ़ा है। इसके विपरीत सरकार को जिस सेक्टर से निराशा हाथ लग रही है उसमें आबकारी भी शामिल है। सरकार का मानना है कि इस सेक्टर से होने वाली आय में करीब 25 फीसद की कमी आ सकती है। सरकार ने यह अनुमान अक्टूबर तक के आंकड़ों की समीक्षा के बाद लगाया है। इस समीक्षा में पता चला है कि इस वर्ष शराब और अन्य स्रोतों से आबकारी विभाग के तहत 9300 करोड़ का राजस्व मिलना संभावित है, लेकिन अब तक महज 4649 करोड़ रुपए ही मिल सके हैं। यह बीते वर्ष की तुलना में 24.87 फीसदी कम हैं। समीक्षा के दौरान अफसरों ने बताया है कि इस साल आबकारी आय में कमी और खनिज आय में वृद्धि अनुमानित है। इसमें खनिज राजस्व से 4982 करोड़ मिलने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अब 5 हजार करोड़ रुपए मिल सकते हैं। इसी तरह से परिवहन विभाग की आय अनुमानित ही रहने की संभावना है। इससे इस साल सरकार को 2500 करोड़ की आय संभावित है।
पेट्रोलियम सेक्टर से मिलेंगे 13009 करोड़
सरकार के लिए अच्छी खबर आयी है वाणिज्यिक कर विभाग से। इस विभाग की आय सितंबर माह में बीते साल की तुलना में 10 फीसद अधिक रही है। यही वजह है कि अब सरकार ने इस विभाग से होने वाली आय 17763 करोड़ रुपए रहने की संभावना है। इस वर्ष वैट में भी वृद्धि अनुमानित है। इसकी वजह है वैट से सरकार 11715 करोड़ मिलने का अनुमान लगाए हुए थे , लेकिन अब सरकार मानकर चल रही है कि उसे इस मद से 13009 करोड़ मिल सकते हैं। वैट की यह रकम पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर पर लगने वाले कर से मिलती है।
हर माह हो रहा है रजिस्ट्री में इजाफा
स्टाम्प एवं पंजीयन से होने वाली आय को लेकर भ्ी सरकार बहुत उम्मीद लगाए हुए है। सरकार का मनना है कि इससे उसे 5 हजार करोड़ की जगह 5600 करोड़ की आय हो सकती है। इस मद से अब तक सरकार को 2948 करोड़ मिल चुके हैं। यह आया बीते साल की तुलना में 9.72 प्रतिशत कम है। इसके बाद भी सरकार का मनना है कि इसकी भरपाई हो जाएगी। इसकी वजह है हर माह हो रही रजिस्ट्रीयों की संख्या में वृद्वि।
आबकारी आय से झटका
चालू वर्ष में अब तक आबकारी आय में बीते साल की तुलना में 24.87 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। अब तक सरकार को इससे महज 4649 करोड़ रुपए की ही आय हुई है। इसकी वजह से ही वित्तीय वर्ष के अंत तक आबकारी आय में गत वर्ष की तुलना में कमी आने का अनुमान लगाया गया है। इस मद से इस साल 9,300 करोड़ की आय का अनुमान लगाया गया है। बीते साल इससे सरकार को 10 हजार 733 करोड़ की आय हुई थी।
विभाग बजट अपडेट
अनुमान अनुमान
खनिज 4982 5000
परिवहन 2500 2500
स्टांप एवं पंजीयन 5000 5500
(करोड़ रुपए में)

Related Articles