वाह नरोत्तम, सबमें ज्यादा सर्वोत्तम…

Wow Narottam, the best of all…
  • क्या मां पीताम्बरा के आशीर्वाद से स्वयं को ‘सीएम’ के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे हैं गृहमंत्री नरोत्तम… ऑडियो हुआ वायरल

    भोपाल/हृदेश धारवार/बिच्छू डॉट कॉम। भाजपा की ऐश्वर्या कहे जाने वाले प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा इन दिनों आत्ममुग्ध भाव से ग्रसित दिखाई दे रहे हैं। भाजपा सरकार के पिछले तीन कार्यकाल में नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक बल्लेबाजी को देखकर उन्हें सचिन तेंदुलकर की संज्ञा दी गई। इसके अलावा नरोत्तम को सरकार का संकटमोचक भी कहा जाता रहा है। लेकिन मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार को गिराकर जबसे भाजपा की सरकार बनी है तब से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा के बीच राजनीतिक द्वेष पैदा हो गया है।
    नरोत्तम और शिवराज में सरकार बनने के बाद लंबे समय तक अबोला रहा। सरकार बनने के करीब 2 महीने बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं नरोत्तम मिश्रा के घर मिलने पहुंच गए थे। बताया जाता है कि नरोत्तम मिश्रा गृहमंत्री होने के बाद भी मर्जी से कोई ट्रांसफर, पोस्टिंग नहीं कर पा रहे हैं। नरोत्तम मिश्रा ‘शोले’ फिल्म के कटे हाथ वाले ठाकुर बने हुए हैं। सूत्रों की मानें तो नरोत्तम मिश्रा ने नाराज होकर प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अपने अधिकार पूछे थे। उन्होंने लिखा था कि मुझे यह बताया जाए कि मेरे अधिकार क्या हैं? सरकार में मेरे कौन से काम हो सकते हैं? बताया यह भी जाता है कि नरोत्तम द्वारा सीएस को लिखे पत्र के बाद ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उनसे मिलने पहुंचे थे।
    मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिराने और भाजपा की सरकार बनाने में भी नरोत्तम मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका थी। तब नरोत्तम मिश्रा को भी भावी मुख्यमंत्री के तौर पर देखा जा रहा था। चर्चा यह भी थी कि मध्यप्रदेश में वे उप मुख्यमंत्री भी बनाये जा सकते हैं। लेकिन भाजपा ने प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को देखते हुए फिर से शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री बना दिया। क्योंकि शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में जननेता के रूप में पहचाने जाते हैं। उनकी सहजता और विनम्रता को आज भी प्रदेश की जनता पसंद करती है।
    नरोत्तम ने बनाया स्वयं का जनसंपर्क विभाग
    नरोत्तम मिश्रा ने नरोत्तमवादी मीडिया के दम पर स्वयं का एक जनसंपर्क विभाग विकसित कर लिया है। जहां से वे प्रतिदिन वीडियो मैसेज जारी करते हैं। बताया जाता है इसके लिए उन्होंने एक टीम बनाई है। जिसमें स्क्रिप्ट राइटर,कैमरामैन भी शामिल हैं। वे जनसंपर्क विभाग से हटकर स्वयं का जनसंपर्क विभाग चला रहे हैं।
    आत्ममुग्ध ऐश्वर्या को गाने में बताया सर्वोत्तम: नरोत्तम मिश्रा की आत्ममुग्धता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने उपचुनाव के बीच स्वयं को महिमामंडित करने वाला एक गाना जारी किया है। जिसमें नरोत्तम मिश्रा को माँ पीताम्बरा का बेटा और सबमें सर्वोत्तम बताया गया है।
    इन मंत्रियों ने भी विकसित किया अपना मीडिया तंत्र
    नरोत्तम मिश्रा के अलावा प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा, कृषि मंत्री कमल पटेल, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह, लोक निर्माण विभाग मंत्री गोपाल भार्गव ने स्वयं का मीडिया तंत्र विकसित किया है। जो मीडिया के माध्यम से अपने बयान जारी करते हैं ।
    वायरल ऑडियो की लाइन
    ओ.ओ.ओ…ओ.ओ.ओ…
    जय हो जय हो…
    जय हो जय हो…
    जय हो जय हो…
    जय हो जय हो…
    जय जय बोलो नरोत्तम मिश्रा जी की गूंज है…
    सबके चहेते वो जनसेवा उनका मूल है…

जय जय बोलो नरोत्तम मिश्रा जी की गूंज है…
सबके चहेते वो जनसेवा उनका मूल है…

पीतांबरा मैया के बेटे वो हैं सबसे उत्तमम्म…
जिसका हर कार्य जनता के लिए है उत्तम्म्म्म…
ओ.. ओ. ओ…

वो है नरोत्तमम्म..वो है नरोत्तमम्म…
सब में सर्वोत्तम्म..वो है नरोत्तमम्म…

वो है नरोत्तमम्म..वो है नरोत्तमम्म…
सब में सर्वोत्तमम्म..वो है नरोत्तमम्म…

जय हो जय हो…
जय हो जय हो…
जय हो जय हो…
जय हो जय हो…
जय हो जय हो…
जय हो जय हो…

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