जल जीवन मिशन को मिला नया जीवन, सर्वाधिक राशि मिली

Water life mission gets new life, highest amount received

भोपाल/रवि खरे/बिच्छू डॉट कॉम। हाल ही में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा दी गई 353 करोड़ से अधिक की स्वीकृति की वजह से अब प्रदेश में जल जीवन मिशन को नया जीवन मिलना तय हो गया है। इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत तैयार की जा रही जलप्रदाय योजनाओं के लिए कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, कार्यान्वयन सहायता संस्थाओं, तृतीय पक्ष मूल्याकंन (थर्ड पार्टी वैल्यूएशन) एवं कौशल विकास प्रशिक्षण आदि की समुचित व्यवस्थाएं की जा सकेंगी। दरअसल यह व्यवस्थाएं राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर से जल जीवन मिशन के लिए निर्धारित मापदंडों को पूरा करने के लिए की जा रही हैं। कार्य-प्रबंधन इकाई के तहत दो टीमें काम करेंगी, इसमें से एक टीम तकनीकी सहायता देगी, तो दूसरी टीम मैकेनिज्म का काम करेगी। इसके तहत प्रदेश की राजधानी सहित 13 संभागों के जिला मुख्यालयों के लिए 80 करोड़ 81 लाख 2 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
इसके लिए जिले स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समिति गठित की गई है। इसकी मदद के लिए ही जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई का गठन किया गया है। जल जीवन मिशन के लिए चयनित ग्रामीण क्षेत्र में जलप्रदाय योजनाओं की सुविधा देने, जन-सहयोग की सहमति लेने, बुनियादी ढांचे के प्रबंधन के लिए गठित ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा मार्गदर्शन देने का काम किया जाएगा। कार्य के सुचारू संचालन के लिए जिलों के लिए 152 करोड़ 53 लाख 44 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
थर्ड पार्टी करेगी योजनाओं का मूल्यांकन
प्रदेश की ग्रामीण आबादी को नलों से पानी देने की बनाई जा रही जलप्रदाय योजनाओं का मूल्यांकन तृतीय पक्ष से कराने की व्यवस्था की गई है। मूल्यांकन संस्थाओं के निरीक्षण के बाद यह तय होगा कि उनके निर्माण में तय मापदंडो का कितना ध्यान रखा गया है। इसके लिए102 करोड़ 82 लाख 46 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
दिया जाएगा कौशल विकास प्रशिक्षण
इन योजनाओं के तहत जल व्यवस्था का संचालन, संरक्षण और संधारण बेहतर ढंग से कराने के लिए उनसे संबंधित क्षेत्रों के 50 हजार रहवासी युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार प्लम्बर, इलेक्ट्रिशियन, मोटर मैकेनिक तथा पम्प आॅपरेटर के कार्यों का प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाने की भी योजना है। इससे जलप्रदाय योजनाओं के क्रियान्वयन में आसानी तो रहेगी ही साथ ही उन्हें रोजगार भी मिल सकेगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने इसके लिए कौशल विकास प्रशिक्षण मद में 17 करोड़ 12 लाख 62 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दे दी है।

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