तीर्थ दर्शन, रामपथ गमन को नए बजट में मिलेगी प्राथमिकता

  • बजट में करेगी सरकार पर्याप्त राशि का बंदोबस्त

    भोपाल/प्रणव बजाज/बिच्छू डॉट कॉम। कोरोना का संक्रमण काल समाप्त होते ही प्रदेश की शिव सरकार अपनी प्राथमिकता वाली योजनाओं पर तेजी से अमल करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए नए बजट में प्राथमिकता से राशि का इंतजाम करने की कवायद की जा रही है। इनमें तीर्थ दर्शन व राम वन गमन को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें से तीर्थ दर्शन यात्रा पर तो कांग्रेस की शिव सरकार में लगभग अमल करना बंद ही कर दिया गया था। अब कोविड-19 का वैक्सीन आने के साथ ही वैक्सीनेशन का काम भी शुरू हो चुका है।
    यही वजह है कि अब शिव सरकार ने इस और इससे उत्पन्न संकट से उबरने की पूरी संभावना के चलते अपनी योजनाओं व कार्यक्रमों की प्राथमिकता में बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि अब सरकार नए वित्त वर्ष में इसके लिए भरपूर राशि का इंतजाम करने जा रही है। इसकी वजह से अब मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना एक बार फिर शुरू की जाएगी और रामपथ गमन का काम भी शुरू होगा। दरअसल यह दोनों ही काम अध्यात्म विभाग के तहत आते हैं। इस विभाग का गठन पूर्व की भाजपा सरकार में किया गया था। पहले धर्मस्व और संस्कृति विभाग एक ही विभाग के तहत आते थे, लेकिन बाद में धर्मस्व विभाग को अलग कर अध्यात्म विभाग बना दिया गया। अध्यात्म विभाग भले ही छोटा विभाग माना जाता है, लेकिन विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभाव आमजन में होने की वजह से यह विभाग का सरकार के लिए खासा महत्वपूर्ण है, लेकिन इसपर कोरोना की मार ऐसी पड़ी कि सरकार की लोकप्रिय तीर्थ दर्शन योजना इस साल पूरी तरह से बंद ही रही। यही नहीं आर्थिक संकट के चलते इस विभाग का बजट 50 करोड़ रुपये से भी कम कर दिया गया था। अब माना जा रहा है कि नए बजट में विभाग को बीते साल की तुलना में दोगुना से अधिक बजट दिया जा सकता है।
    कोरोना और वित्तीय संकट का सर्वाधिक असर तीर्थ दर्शन योजना पर
    प्रदेश की भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल में बुजुर्गों को देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की नि:शुल्क यात्रा कराने के लिए यह योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत नि:शुल्क बुजुर्ग के साथ एक अटेंडर को भी जाने की सुविधा दी गई है। यात्रा के तहत किराया, गंतव्य पर होटल में रुकने, खाने से लेकर बसों से तीर्थ स्थल की यात्रा कराने की जिम्मेदारी भी विभाग की होती थी , लेकिन कोरोना की वजह से देश में केवल चुनिंदा ट्रेनें ही चलाई जा रहीं हैं, ऐसे माहौल में तीर्थ दर्शन यात्रा के लिए ट्रेन चलाना संभव नहीं था। इसके चलते बजट राशि में भी कटौती कर दी गई थी।
    रामपथ गमन अंचल विकास योजना पर हो सकता है अमल शुरू
    भगवान राम वनवास के दौरान प्रदेश के जिस हिस्से से गुजरे थे, उस मार्ग और उसके आसपास के इलाके को राज्य सरकार ने रामपथ गमन अंचल विकास योजना तैयार कर उसमें शामिल किया है। इसके तहत पथ को चिन्हित कर उसका निर्माण करने के साथ ही पथ के आसपास के क्षेत्रों का विकास और पथ क्षेत्र में सुविधाओं का भी विस्तार होना है। हालांकि बीते बजट में इसके लिए महज सांकेतिक रुप से एक लाख 33 हजार रुपये ही आवंटित किए गए थे, जिसकी वजह से इस पर काम ही शुरू नहीं हो सका है। अब माना जा रहा है कि नए बजट में इसके लिए 30 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा सकता है।

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