शिवराज को मिला मोदी का बड़ा सहारा

Shivraj got big support of Modi

भोपाल (राकेश व्यास /बिच्छू डॉट कॉम)। पहले से आर्थिक तंगी से परेशान मध्यप्रदेश सरकार के खजाने की हालत कोरोना महामारी के बीच लगे लॉकडाउन की वजह से बदतर स्थिति मेें पहुंच गई है। ऐसे में केन्द्र की मोदी सरकार से मिली मदद से बड़ा सहारा मिला है। इस दौरान प्रदेश को लॉकडाउन के चलते प्रदेश सरकार को करीब 26 हजार करोड़ रुपए के नुकसान हुआ है। अभी इसमें और नुकसान होने का अनुमान है। इस बीच मप्र के लिए अच्छी बात यह रही कि इस अवधि में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा इस वित्त वर्ष में अब तक 33106 करोड़ 52 लाख रुपए की मदद मिल चुकी है। प्राय: केन्द्र व राज्य सरकारों के बीच राशि को लेकर विवाद बना रहता है। राज्य में कम समय में अधिक से अधिक राशि हासिल करना चाहते हैं। मप्र की पूर्व की नाथ सरकार तो अधिकांश समय केन्द्र द्वारा राशि देने में भेदभाव का आरोप लगाती रही है। नाथ सरकार का आरोप रहता था कि उसे उसके हक का पूरा पैसा नहीं दिया जा रहा है। गत वित्त वर्ष तक केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाने वाले मप्र की स्थिति अब सरकार बदलते ही अलग हो चुकी है। इसके साथ ही अब आरोप प्रत्यारोप का दौर समाप्त होकर अब पत्राचार की राह पर प्रदेश चल पड़ा है।

बीते माह मिले 16500 करोड़ रुपए
लॉकडाउन के दौरान भले ही भले ही केन्द्र से कम मदद मिली हो, लेकिन बीता माह शुरू होते ही केन्द्र ने मप्र के लिए अपने खजाने का मुंह खोल दिया। जुलाई माह के तीसरे ही दिन केन्द्र ने मप्र को 9960 करोड़ रुपए जारी कर बड़ी राहत प्रदान की। इसके ठीक 12 दिन बाद केन्द्र ने एक बार फिर प्रदेश को 6568 करोड़ रुपए जारी किए गए। यह राशि जीएसटी से होने वाले नुकसान की एवज में राज्य सरकार को दी गई है। इन दो किस्तों में दी गई राशि से प्रदेश सरकार को अपनी अर्थिक सेहत सुधारने में बड़ी मदद मिली है।

हर माह प्रदेश को मिले औसतन 8276 करोड़
नए वित्त वर्ष के शुरू होते ही कोरोना की वजह से लगातार लॉकडाउन की स्थिति बनी रही। इस हालात के बाद भी केंद्र सरकार ने मप्र को वित्तीय मदद करने में कोई कमी नहीं की। बीते चार माह के दौरान दी गई मदद को देखें तो हर माह औसतन मप्र को प्रतिमाह 8276 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता मिली है।

21 मंत्रालयों से मिली राशि
केंद्र सरकार के 21 विभागों ने इस दौरान प्रदेश को आर्थिक मदद की है। इसके अलावा केन्द्र के वित्त मंत्रालय ने भी राशि प्रदान की है। वित्त विभाग द्वारा जारी की गई राशि आयकर और टैक्स में राज्य को मिलने वाले हिस्से के एवज में दी गई है। आयकर में राज्यों का अंश और टैक्स की राशि का अंश के अलावा वित्त मंत्रालय केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के लिये केन्द्र के अंश के रूप में राशि देता है।

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