उपुचनाव के लिए पीसीसी का अस्थाई ठिकाना होगा ग्वालियर में

भोपाल, (दीपेश मिश्रा/बिच्छू डॉट कॉम)। प्रदेश में जिन दो दर्जन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है उसमें से 16 सीटें ग्वालियर -चंबल में होने की वजह से अब कांग्रेस ने पीसीसी का अस्थाई ठिकाना ग्वालियर में बनाने का तय कर लिया है। इसके लिए जगह की तलाश शुरू कर दी गई है। इस अंचल में मिलने वाली जीत ही तय करेगी की प्रदेश में किस दल की सरकार होगी। यही वजह है कि कांग्रेस ने इस अंचल में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी शुरू कर दी है। यह अंचल कांग्रेस से भाजपा में जाने वाले श्रीमंत का इलाका होने के साथ ही सर्वाधिक उपचुनाव वाली सीटों वाला क्षेत्र भी है। दरअसल कांग्रेस प्रदेश की सत्ता में वापसी का रास्ता इस अंचल में होने वाले उपचुनाव के माध्यम से तलाश रही है। यही वजह है कि प्रदेश के साथ ही केन्द्रीय संगठन ने भी इस अंचल पर पूरा फोकस करने का फैसला किया है। इसी योजना के तहत ही प्रदेश कांग्रेस का मुख्यालय ग्वालियर में शिफ्ट करने की तैयारी कर दी गई है। इसके लिए संगठन द्वारा ऐसे स्थान की तलाश शुरू कर दी गई है, जहां पर एक साथ करीब तीन सैकड़ा वाहनों की पार्किंग हो सके। यही नहीं राष्ट्रीय व प्रदेश के दूसरे अंचल के नेताओं के रुकने के लिए करीब एक दर्जन से अधिक बंगलों की भी तलाश शुरू कर दी गई है। इनमें से एक बंगला पूर्व सीएम कमलनाथ के लिए भी होगा। इसकी वजह है कि कारण से कमलनाथ को यहां रोकना पड़े तो, वहां पहले सही व्यवस्था रहे। कांग्रेस इस अंचल में जीत दर्ज करने के बहाने श्रीमंत से सरकार गिराने का बदला लेना चाहती है। सिंधिया के कारण ही साढ़े तीन माह पहले कमलनाथ सरकार गिरी थी। यही वजह है कि इन दिनों कांग्रेस के निशाने पर भाजपा से अधिक श्रीमंत बने हुए हैं। उधर भाजपा भी सिंधिया समर्थकों की जीत तय कर इस बात पर जनता की मोहर लगवाना चाहती है कि नाथ सरकार अपनी जनविरोधी नीतियों के कारण जनाधार खोने की वजह से गिरी थी।

मुख्यालय के लिए की जा रही जगह की तलाश
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शर्मा के मुताबिक उपचुनाव के संचालन के लिए प्रदेश कांग्रेस का मुख्यालय ग्वालियर में बनाने का फैसला किया गया है। क्योंकि यहां से 16 सीटों पर चुनाव संचालन आसानी से किया जा सकता है। जिला कांग्रेस कार्यालय में स्थान सीमित होने से प्रदेश पदाधिकारियों के बैठने की व्यवस्था संभव नहीं है। यही नहीं कांग्रेस कार्यालय में पार्किंग की बड़ी समस्या है। 10 फोर व्हीलर पार्क होते ही एमएलबी रोड पर जाम लग जाता है। इसलिए ऐसा स्थान देखा जा रहा है, जहां पर लगभग 300 वाहन एक साथ 24 घंटे पार्क किए जा सकें। इसके लिए गार्डन की तलाश की जा रही है। क्योंकि शादियां नहीं होने के कारण गार्डन भी खाली पड़े हैं।

एक दर्जन बंगलों की खोज
राष्ट्रीय, प्रदेश के नेताओं व पदाधिकारी 15 जुलाई के बाद शहर में आकर रुकना शुरू कर देंगे। इन नेताओं को ठहराने के लिए लगभग 12 बंगलों की तलाश की जा रही है। इनमें एक बंगला पूर्व सीएम कमल नाथ के लिए आरक्षित रहेगा। उनका कहना है कि इसके लिए सिटी सेंटर में बंगले तलाशे जा रहे हैं। उनका कहना है कि कमलनाथ के पास अपना निजी हैलीकॉप्टर है, इसलिए वह भोपाल में रहकर चुनाव संचालन कर सकते हैं। वैकल्पिक व्यवस्था सभी की जा रही हैं।

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