केंद्रीय सड़क निधि में सिर्फ इंदौर-जबलपुर के सांसद ही मंजूर करा पाए प्रस्ताव

 केंद्रीय सड़क निधि

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश में सड़कों के विकास के लिए केंद्रीय सड़क निधि से राशि प्राप्त करने के लिए वैसे तो हर साल राज्य से प्रस्ताव भेजे जाते हैं। लेकिन कुछ सालों से केंद्र सरकार मध्यप्रदेश पर उतना ध्यान नहीं दे रही जितना देना चाहिए। यही वजह है कि न तो राज्य द्वारा भेजे गए सभी प्रस्ताव केंद्र सरकार द्वारा मंजूर किए जाते हैं और न ही प्रदेश के सांसदगण इसके लिए प्रयास करते हैं। उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत अधिकांश काम विधायक और सांसदों के प्रस्तावों पर ही आधारित होते हैं। इसलिए माननीयों से कहा जाता है कि वह अपने प्रयासों से राशि मंजूर कराएं। इसी उम्मीद पर राज्य से बड़ी संख्या में प्रस्ताव दिल्ली भेजे जाते हैं। स्थिति यह है कि प्रदेश में इस बार सिर्फ इंदौर और जबलपुर के सांसद ही प्रस्ताव मंजूर करा पाए हैं। बाकी किसी नेता ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई। दरअसल केंद्रीय सड़क निधि योजना का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण सड़कें, अंतरराज्यीय सड़कों और आर्थिक महत्व की सड़कों सहित सभी जिला मुख्यालयों को सड़कों के साथ जोड़ने के लिए होता है। केंद्र सरकार इस योजना के अंतर्गत पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए उपकर की राशि राज्यों को उपलब्ध कराती है। इस राशि के अंतर्गत सड़कों के विकास के लिए राज्यों से प्रस्ताव मांगे जाते हैं। वर्ष 2018-19 में मप्र लोक निर्माण विभाग ने 2837.30 करोड के 49 प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे थे। इनमें से 19 प्रस्तावों पर 1191 करोड़ की राशि मंजूर हुई है। हालांकि वर्ष 10-20 में विभाग द्वारा कोई भी प्रस्ताव केंद्र को नहीं भेजा गया।  वर्ष 20-21 के लिए 2,104.07 करोड़ के 28 प्रस्ताव भेजे गए थे। जिनमें से एक ही प्रस्ताव मंजूर हुआ है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से किया था आग्रह: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले महीने यानी मार्च में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भारत माला परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए प्रदेश को 50 हजार करोड़ रुपए प्रदान किए जाने के संबंध में बात की थी।
 उन्होंने केंद्रीय  नितिन गडकरी से केन्द्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत 1858 करोड़ रुपए के 26 प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया तो पर्यटन सुविधा विस्तार के लिये 10.15 किलोमीटर लम्बे बमीठा से खजुराहो राष्ट्रीय राजमार्ग को 4 लेन में उन्नयन करने की स्वीकृति प्रदान करने का भी आग्रह किया। यह योजना 71 करोड़ की है। खास बात है कि गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण एवं उन्नयन तथा अन्य सड़कों के निर्माण के कार्यों में आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र प्रदान कर परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा कराने का आश्वासन दिया था।
सांसद- विधायक नहीं ला पाए राशि
प्रदेश में सड़क निधि योजना के अंतर्गत सांसद-विधायकों ने भी रुचि नहीं दिखाई। हालांकि जबलपुर और इंदौर के सांसदों ने जरूर प्रयास किए और राशि भी स्वीकृत कराई। बता दें कि वर्ष 2020-21 में राज्य के हिस्से में मात्र 535 करोड रुपए आए थे जबकि नियम यह है कि अंश राशि से तीन गुना काम चलना चाहिए। चूंकि प्रदेश के विधायक और सांसद राशि नहीं ला पाए इसलिए प्रदेश को 1191 करोड़ मंजूर हुए।

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